जैसे हर एक बात पर डिमोक्रेसी में लगने लगा बैन!

By: | Last Updated: Friday, 13 March 2015 3:32 AM
ban culture in india

नई दिल्ली: पैरोडी वीडियोज़, सोशल एक्सपेरिमेंट और रोस्ट के इस दौर में चीजों को बैन करने का जवाब इस कदर मिलेगा, इसका अंदाजा शायद ही भारत सरकार को रहा होगा. भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में अपनी सहूलियत के हिसाब से चीजों को बैन करने का कल्चर रहा है. बीते कुछ महीनों से भारत में इस कल्चर में खासा इजाफा देखने को मिला है.

 

ताज़ा मामला भारत की राजधानी दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 को हुए गैंगरेप पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री इंडियाज़ डॉटर पर बैन का है. इसे भारत में तमाम कारणों की वजह से बैन कर दिया गया. फेसबुक और ट्विटर पर एक्टिव रहने के मामले में युवाओं को मात देने वाले पीएम मोदी शायद भूल गए कि इंटरनेट जैसे मजबूत माध्यम के दौर में किसी चीज़ को बैन करना मज़ाक जैसा है. इस बैन कल्चर की वजह से अमेरिका को भी मात खानी पड़ी.

 

दरअसल, जब विकिलीक्स के संपादक जूलियन असांज ने अमेरिका से जुड़ी खुफिया जानकारियां इंटरनेट पर डालीं तो अमेरिका ने इसे बैन कर दिया और इंटरनेट से हटवा दिया पर महज चंद घंटों बाद इसे घत्ता बताते हुए असांज ने फिर से जानकारियां नेट पर डाली दी. भारत सरकार इससे सीख लेती नज़र नहीं आती. बैन का सिलसिल गाय के मांस से लेकर एआईबी रोस्ट तक और बीबीसी डॉक्यूमेंट्री से लेकर फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे तक का है.

 

इसी के जवाब में सामने आई है ये बैन पैरोडी और इसमें बैन के विरोध का जो तरीका अपनाया गया है, उसकी वजह से कहीं इसे भी बैन मत कर दिया जाय. 

 

ये हैं वो वीडियो-