बेकार गायें बनेंगी 'सेरोगेट मदर'

By: | Last Updated: Tuesday, 16 September 2014 5:16 AM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पशुधन विकास परिषद की कारगर पहल से प्रदेश के दुधारू पशुओं में शीघ्र भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक का प्रयोग शुरू किया जा रहा है. इसी के तहत प्रजनन की दृष्टि से बेकार हो चुकी गायों का ‘सेरोगेट मदर’ के रूप में उपयोग करने की योजना है.

 

भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीकी के प्रयोग से दुधारू पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता तो बढ़ेगी ही, उच्च गुणवत्ता वाली गायों की संख्या में भी वृद्धि होगी. इस तकनीक से 60-65 लीटर दूध देने वाली गायें पैदा की जाएंगी.

 

पशुधन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बी.बी.एस.यादव ने बताया कि विदेशी नस्ल की गायों में भी भ्रूण प्रत्यारोपण करके पशु संततियों को उत्पन्न किया जाएगा. डॉ. यादव ने बताया कि इस तकनीक से गाय अब सिर्फ बछिया ही जन्मेंगी. जरूरत पड़ने पर बछड़े को भी भ्रूण प्रत्यारोपण विधि से जन्म दिया जाएगा.

 

उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की सेक्सिंग तकनीक को अपनाकर दुधारू गायों में भ्रूण प्रत्यारोपण करके उच्च कोटि की नस्ल वाली दुधारू बछियों को उत्पन्न किया जाएगा.

 

डॉ. यादव ने बताया कि अच्छी नस्ल की गाय को तकनीक के माध्यम से गर्माकर उससे साल भर में दो से तीन अंडे (डिम्ब) लिए जा सकेंगे और एक बार में 14 से 15 डिम्ब या अंडे निकाले जा सकते हैं. उनको अच्छी नस्ल के सांड के वीर्य (सीमन) से निषेचित करके उन गायों के गर्भ में डाल दिया जाएगा जो दूध देने के काबिल नहीं हैं.

 

उन्होंने बताया कि इस विधि से बेकार हो चुकी गायों की भी उपयोगिता बनी रहेगी. इस तकनीक से एक अच्छी नस्ल की गाय से बिना उसे दुग्ध उत्पादन को बाधित किए सालभर में 30-35 डिम्ब या अंडे प्राप्त करके इतने ही बच्चे (बछिया) पैदा किए जा सकेंगे.

 

डॉ. यादव ने बताया कि परिषद के चार पशु विशेषज्ञों को उत्तराखंड में प्रशिक्षण दिलाया गया है. वर्तमान में पशुपालन विभाग के शासकीय प्रक्षेत्रों में 14-15 लीटर प्रतिदिन दूध देने वाली साहीवाल गायें हैं. इन गायों के बच्चों की संख्या तथा इनमें दुग्ध उत्पादन की मात्रा भी बढ़ाई जाएगी.

 

उन्होंने बताया कि इस तकनीक से विदेशी नस्ल की उन गायों के बच्चे भी पैदा किए जाएंगे, जिनकी 65-70 लीटर प्रतिदिन दूध देने की क्षमता है. उन्होंने कहा कि विदेशों से भी हिमीकृत भ्रूण मंगाए जाएंगे, जिनको यहां की गायों में प्रत्यारोपित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि विदेशों से भ्रूण मंगाने के लिए सार्थक पहल की जा रही है.

 

डॉ. यादव ने बताया कि उत्तराखंड के पास विदेशी नस्ल की गायों के भ्रूण के आयात करने का लाइसेंस है, जिससे विदेशी भ्रूण वहां उपलब्ध है. विदेशी नस्ल की गायों के भ्रूण को उत्तराखंड से खरीद कर उत्तर प्रदेश की दुधारू गायों में प्रत्यारोपित करके उच्च कोटि के गायों के बच्चे पैदा किए जाएंगे.

Ajab Gajzab News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Cows_surrogate Mother_Uttar Pradesh_
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: Cows surrogate Mother
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017