मशरूम ने बदल दी तकदीर

By: | Last Updated: Tuesday, 9 September 2014 3:57 AM
mashroom change destiny

नई दिल्ली: मशरूम उत्पादन ने प्रकाश यादव के जीवन में रोशनी की किरण ला दी है. आज इनका पूरा परिवार मशरूम उत्पादन में लगा हुआ है. 10 से 15 हजार और कभी-कभी इससे भी ज्यादा की मासिक आमदनी प्रकाश को होने लगी है.

 

प्रकाश सरगुजा संभाग के कोरिया जिले के चर्चा कॉलरी के निवासी हैं. वर्तमान में इन्होंने अंबिकापुर संभाग मुख्यालय में अपना ठिकाना बिना लिया है. पान की छोटी सी दुकान चलाकर जीवन-यापन करने वाले की तकदीर रायपुर दूरदर्शन के एक कार्यक्रम ने बदल दी. दरअसल, उनकी पत्नी सरिता देवी ने दूरदर्शन में मशरूम उत्पादन का कार्यक्रम देखा और पति को प्रोत्साहित किया.

 

पान दुकान से इतनी आय नहीं थी कि परिवार का भरण-पोषण किया जा सके. प्रकाश ने मशरूम उत्पादन के तकनीक व तरीके को देख उससे प्रभावित हुए और अगले ही पल उन्होंने ठान लिया कि वे अब मशरूम उत्पादन के व्यवसाय में जुड़ेंगे.

 

मशरूम उत्पादन का प्रारंभिक प्रशिक्षण इन्होंने बैकुंठपुर में प्राप्त किया. आज इनका लजीज मशरूम की बैकुंठपुर ही नहीं, पूरे सरगुजा संभाग में आपूर्ति की जा रही है.

 

प्रकाश यादव सरगुजा संभाग के किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं. सरगुजा संभाग में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शासकीय तौर पर काफी प्रयास किए जा रहे हैं और काफी किसान इससे जुड़ने लगे हैं.

 

चर्चा कॉलरी निवासी प्रकाश यादव प्रारंभ में मशरूम विक्रय का कार्य चर्चा कॉलरी में घूम-घूम कर किया करते थे. धीरे-धीरे इन्होंने बैकुंठपुर, सूरजपुर में घूम-घूमकर मशरूम विक्रय करना शुरू किया.

 

शुरुआती दिनों में इन्हें लगभग 2 से 3 हजार की आय होने लगी थी. प्रकाश यादव की इस मेहनत से प्रभावित होकर सरगुजा के पूर्व कलेक्टर आर. प्रसन्ना व बायोटेक लैब में पदस्थ युवा वैज्ञानिक प्रशांत शर्मा ने इनकी काफी मदद की.

आज इन्हें संभाग मुख्यालय में पुराने जनपद पंचायत भवन में एक कक्ष मुख्यसड़क मार्ग की ओर प्राप्त हुआ है. जहां से ये मशरूम विक्रय का कार्य करते हैं. प्रकाश यादव का कहना है कि सरगुजा का मौसम मशरूम उत्पादन के लिए काफी अनुकूल है.

 

पूरे वर्ष भर यहां मशरूम उत्पादन आसानी से किया जा सकता है. सरगुजा के किसानों ने इसे अपनाना भी शुरू कर दिया है. प्रकाश यादव का कहना है कि किसानों को अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए इस व्यवसाय को अपनाना चाहिए.

 

आज प्रकाश यादव अपनी दुकान में मशरूम की बड़ी पापड़ व अन्य सामग्री का विक्रय करते हैं और इन्हें 10 से 15 हजार तक मासिक आय इस व्यवसाय से हो रही है.

 

इनका पूरा परिवार का इस व्यवसाय में पूरे मनोयोग से जुटा रहता है. आज इनके के ग्राहकों में सामान्यजन के अलावा बड़े-बड़े होटल व्यवसायी भी इन्हीं से मशरूम खरीदते हैं.

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