एक रेपिस्ट का अंत!

By: | Last Updated: Friday, 13 February 2015 1:57 PM
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नई दिल्ली: भारत एक पुरुषप्रधान देश है. आमतौर पर यहां के पुरुषों की यह मानसिकता है कि लड़कियों को शिकार बनाना बेहद ही आसान है.

 

यही कारण है कि हर घंटे भारत में तीन रेप होते हैं. रेप करने वाले को यह लगता है कि उसने कोई गलती ही नहीं की है. रेप करने से पहले उसके अंदर कानून का डर भी न के बराबर होता है. कहीं न कहीं उसके दिमाग में यह भी होता है कि हमारी व्यवस्था उसका कुछ नहीं कर पायेगी.

 

पुलिस, प्रशासन और राजनीति में नजदीकियों की वजह से इस तरह के बलात्कारी आसानी से बच भी जाते हैं. एक बार बच जाने के बाद उनका हौसला बढ़ता चला जाता है, और फिर जब तक वह अच्छी तरह से कानून की गिरफ्त में नहीं आते तब तक ऐसी दरिंदगी को अंजाम देते रहते हैं.

कुछ इसी तरह के विषय पर पुरानी दिल्ली टॉकिज ने बेहद ही खूबसूरत वीडियो बनाया है. इस वीडियो में दिखाया गया है कि बलात्कारी व्यक्ति का समाज क्या हश्र करती है.  (वीडियो साभार- पुरानी दिल्ली टॉकिज और यू-ट्यूब)

 

वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें-