BLOG : सांसद महोदया...लड़कियां सिर्फ देह नहीं, सुरक्षा के बजाए हक दीजिए

Monday, 17 April 2017 5:14 PM | Comments (0)
BLOG : सांसद महोदया...लड़कियां सिर्फ देह नहीं, सुरक्षा के बजाए हक दीजिए

माशा

वरिष्ठ पत्रकार

हम उदारमना हैं. मतलब बड़े दिल वाले. सब चाहते हैं कि हमारी लड़कियां सुरक्षित रहें. नेता, पुलिस, प्रशासन… सब. लड़कियों की सुरक्षा का मुद्दा इतना बड़ा है कि संसद तक हिल जाती है. जन प्रतिनिधि बहसते हैं कि हमारी लड़कियां कितनी असुरक्षित हैं. उनकी सुरक्षा करना हमारा धर्म, कर्तव्य है. लड़कियां बेचारी निरीह. उन्हें हमें बचाना है. समाज के दरिंदों से-रोडसाइड रोमियोज़ से. कोई पुलिसिया डंडों से यह करना चाहता है तो कोई तीखी टिप्पणियों की मार से. हमारे नेता कितने संवेदनशील हैं, वाह! इस बार सपा सांसद जया बच्चन परेशान हैं कि लड़कियों की सुरक्षा की सरकार को कोई फिक्र नहीं है. सब लोग गाय-गोरू को बचाने में लगे हैं. राज्यसभा में उन्होंने कइयों को इस मामले में धोया भी है.

जाहिर बात है, एक नेता को- वह भी एक महिला नेता को यह चिंता होनी ही चाहिए. लड़कियों की सुरक्षा.. तो आप क्या करेंगे? पुलिस तैनात कर देंगे. शोहदों को पकड़ेंगे… प्रिवेंशन इज बेटर देन क्योर. शरारत होने पर हवालात की सैर कराएंगे. कानून अपना काम करेगा. कानून अपना काम सालों से कर रहा है. मौजूदा सरकार से पहले सपा के राज में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में मां-बेटी के साथ जब बलात्कार हुआ तब भी पुलिस अपना काम कर रही थी.

लड़कियों की रक्षा होनी चाहिए क्योंकि वह गाय-गोरू की तरह ही हैं…लाचार. अपनी हिफाजत खुद नहीं कर सकतीं. पहले पिता, फिर भाई, इसके बाद पति और आखिर में बेटा उनकी रक्षा करता रहता है. लड़कियां… अंगने की चिड़िया… गाने-कविताएं-नाटक-फिल्में सब यही बताती हैं. लड़के छेड़ते हैं- ये जवानी है दीवानी, आह मेरी रानी, रुक जाओ रानी, देख जरा पीछे मुड़ के, चली कहां ऐसे उड़ के. वह गुड़िया थामे घबराई सी नजर आती है.

लेकिन फिल्मी कलाकार शायद यह नहीं समझ सकते कि असली लड़कियां कैसी होती हैं. क्या हमेशा दबी-सहमी घबराई सी रहती हैं? शोहदा टर्न प्रेमी से उन्हें सुरक्षा चाहिए भी होती है या नहीं- वह भी किसी मर्द की? आप किसी लड़की से पूछकर देखिए- वह क्या कहेगी? क्या पुलिस प्रशासन के हरकत में आने से वह खुलकर जी सकेगी? और पुलिस से उन्हें कौन बचाएगा? फिर यह सुरक्षा तो बाहर की दुनिया के लिए होगी. घर के अंदर उसकी रक्षा कौन करेगा- हम सबको मालूम है कि घर भी औरत के लिए उतने ही असुरक्षित हैं.

 

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के 2016 के डेटा कहते हैं कि पिछले चार सालों में औरतों के खिलाफ अपराधों में 34 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है जिसमें पति और रिश्तेदारों की तरह से की जाने वाली क्रुएलिटी सबसे कॉमन अपराध है. प्रॉब्लम एक ही है. हम सिर्फ सुरक्षा देने की बात करते हैं. समाज को सेंसिटिव बनाने की नहीं. यह उनके हक की बात है. हक मिलेगा, तो लड़की अपनी रक्षा आप ही कर लेगी. उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं होगी. हक बराबरी पर लाता है. सुरक्षा देने में एक हेरारकी रहती है. आदमी ऊपर होता है- औरत नीचे. जो नीचे की सीढ़ी पर रहता है, उसे ही रक्षा की जरूत होती है. हेरारकी में दोनों बराबर होंगे तो किसी को किसी की रक्षा करने की जरूरत ही क्यों होगी. पर इसमें बहुत मेहनत करनी होगी. इतनी मेहतन कौन करे?

हकदारी देने के लिए कई सिरों पर काम करना होगा. हमें काम करना होगा ताकि लड़कियों की हत्या गर्भ में न हो जाए. 2011 के सेंसस कहते हैं कि पिछले दस सालों में 80 लाख लड़कियों को पैदा ही नहीं होने दिया गया. हमें काम करना होगा ताकि लड़कियां लड़कों की तरह स्कूल जा सकें. डेटा यह भी कहते हैं कि हमारे यहां 100 में से सिर्फ 65 लड़कियों का ही स्कूलों में दाखिला होता है. फिर सेकेंडरी तक पहुंचते-पहुंचते उनमें से 50 परसेंट लड़कियां घर बैठ जाती हैं. हमें काम करना होगा ताकि देश की 20 से 24 साल की लगभग आधी लड़कियां शादी की लीगल उम्र होने से पहले ही न ब्याह दी जाएं. काम करना होगा ताकि नौकरीपेशा औरतों को आदमियों के मुकाबले 27 परसेंट कम सैलरी न मिले. देश की 90 परसेंट औरतों को इनफॉरमल सेक्टर में काम न करना पड़े. हमें इतना ज्यादा काम करना होगा कि प्रॉपर्टौ और जमीन पर औरतों को भी हक मिले, क्योंकि सिर्फ 13 परसेंट औरतों को ही ये राइट्स मिले हैं.

इन सबके लिए समाज को पुरखों से थमाई कठपुतली की डोर को छोड़ना होगा. देह की सुरक्षा से परे सोचना होगा… लड़कियां सिर्फ देह नहीं, उससे आगे की एंटिटी तलाश चुकी हैं. आपको बस इतना करना है कि उनके पिंजड़े तोड़ने हैं. उन्हें उनका हक देना है.

हक देने का एक मतलब यह भी है कि लड़कियों को अपने जीवन के फैसले आप करने दीजिए. पढ़ने- लिखने के, शादी ब्याह के, बच्चे पैदा करने या न करने के. पैसे कमाने और उसे खर्च करने के. एक बार वह अपने फैसले आप करने लगेगी तो समाज को भी उसे उसका हक देना ही होगा. यह कोई दो-चार साल का काम नहीं, कई सौ सालों का काम है. हां शुरुआत तो करनी ही होगी- इच्छा या अनिच्छा से. समाज को सेंसिटिव बनाना भी आसान काम नहीं है. इसके लिए आपको जेंडर सेंसिटिव वर्कशॉप्स करनी होंगी. लड़कों और लड़कियों की दोस्तियों को बढ़ावा देना होगा. मॉरल पुलिसिंग रोकनी होगी. लड़के और लड़कियों की दोस्ती एक सेहतमंद समाज का आइना होती है.

लड़कियों को सुरक्षा की नहीं, सिर्फ चाक-चौबस्त माहौल की जरूरत होती है. पिछले दिनों जब दिल्ली के कॉलेज हॉस्टलों में नाइट कर्फ्यू के विरोध में लड़कियां सामने आई थीं तो कई नई बातें पता चली थीं. हॉस्टल प्रशासन लड़कियों की सुरक्षा के लिए चिंतित रहता है इसलिए शाम के बाद लड़कियों के बाहर निकलने पर पाबंदी रहती है. लेकिन सुरक्षा के नाम पर चौकीदारी करना या पुलिस की सहायता लेने से काम नहीं बनता. लड़कियों के ग्रुप का कहना था कि पब्लिक स्पेस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को दुरुस्त करना होगा. शहरों, कस्बों और गांवों में प्लानिंग ऐसी करनी होगी कि लड़कियां आजादी से बाहर निकल सकें.

सड़कों को पैदलयात्रियों के चलने लायक बनाना होगा. इस बात का ध्यान रखना होगा कि रातों को सभी जगहों पर खूब सारी रोशनी हो. बसों की लास्ट स्टॉप कनेक्टिविटी बढ़ानी होगी. ताकि लड़कियों को न तो प्राइवेट कैब के भरोसे रहना पड़े, और न ही किसी पुरुष साथी की सिक्योरिटी की. तब एक बात पर और बहुत जोर दिया गया था. वह यह है कि कॉलेजों में स्टूडेंट्स, नॉन टीचिंग और सिक्योरिटी स्टाफ के लिए जेंडर बेस्ड वर्कशॉप जरूर आयोजित होनी चाहिए.

raveena tandon

हां, सांसद महोदया के पक्ष में रवीना टंडन भी आ गई हैं. लेकिन उन दोनों के लिए यह भी खास है कि उनके बॉलीवुड को भी जरा इस मामले में सेंसिटिव बनना होगा. फिल्मों का असर सबसे ज्यादा होता है. यहां हीरो सिर्फ सीटियां बजाकर और पीछा कर लड़कियों का प्यार बटोर लेता है. कभी लड़की को मस्त-मस्त चीज बताकर कभी जुम्मा से चुम्मा लेकर. फिल्मी गानों की तर्ज पर हर लड़की पर डोरे डालने वाले शोहदे जब तक फिल्मी नायक बनते रहेंगे, सड़कों-गलियों-चौबारों और अपने घरों में भी लड़कियां परेशान होती रहेंगी. इसलिए सुरक्षा नहीं, सेंसिटिविटी और हक की बात कीजिए.

(नोट- उपरोक्त दिए गए विचार व आकड़ें लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. ये जरूरी नहीं कि एबीपी न्यूज ग्रुप सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है)

ALL BLOG POST

BLOG: एनडीए सरकार के तीन साल, मोदी जी का जलवा तो बरकरार है लेकिन...
BLOG: एनडीए सरकार के तीन साल, मोदी जी का जलवा तो बरकरार है लेकिन...

पीएम नरेंद्र मोदी को भारतीय राजनीति का शोमैन, सपनों का सौदागर या बैगपाइपर बाबा कहा जाए तो…

Tags: BJP blog Narendra Modi NDA three years of Modi government vijayshankar chaturvedi

BLOG: मदरहुड को सेफ बनाएं, गॉड गिफ्टेड नहीं
BLOG: मदरहुड को सेफ बनाएं, गॉड गिफ्टेड नहीं

देश तरक्की कर रहा है. पीछे खबर आई है कि पुणे में 21 साल की एक लड़की…

Tags: ABP News blog hindi news India Latest Hindi news Masha motherhood news in hindi Uterus Transplant

BLOG: तीन साल, मोदी त्रिशूल...नीति, वादे और व्यक्तित्व
BLOG: तीन साल, मोदी त्रिशूल...नीति, वादे और व्यक्तित्व

असीम अपेक्षाएं. बेतरतीब समस्याएं. वादों की लंबी लाइन. उनमें ज्यादातर पूरे नहीं. इतना ही नहीं सभी दावे…

Tags: ABP News BJP blog hindi news Latest Hindi news Modi Government Narendra Modi news in hindi PM Modi Rajkishor three years of Modi government

ब्लॉग: तुम्हारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारी वाली से बड़ी कैसे?
ब्लॉग: तुम्हारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारी वाली से बड़ी कैसे?

संविधान में दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस बार भाजपा सांसद और लोकप्रिय अभिनेता परेश रावल…

Tags: blog Freedom Of Speech Paresh Rawal shehla rashid vijayshankar chaturvedi

मोदी सरकार के तीन साल, नहीं सुलझा बेरोजगारी का सवाल
मोदी सरकार के तीन साल, नहीं सुलझा बेरोजगारी का सवाल

मोदी सरकार अपने तीन साल पूरे होने का जश्न मना रही है. केंद्र की तरफ से इस मौके पर…

Tags: employment Narendra Modi PM Modi

 बड़े बड़े स्टार तो फेल हो गए फिर किसने बनाया मुंबई को चैंपियन?
बड़े बड़े स्टार तो फेल हो गए फिर किसने बनाया मुंबई को चैंपियन?

वरिष्ठ खेल पत्रकार, शिवेंद्र कुमार सिंह आईपीएल में सितारों से सजी टीमों में इस सीजन की चैंपियन…

Tags: Hardik Pandaya IPL 10 IPL 2017 jaspreet bumrah Karn Sharma Krunal Pandya mumbai indians top players young players

BLOG: सिर्फ चार ओवर में कैसे बदल गया चालीस ओवर का खेल?
BLOG: सिर्फ चार ओवर में कैसे बदल गया चालीस ओवर का खेल?

हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में मुंबई इंडियंस ने बेहद रोमांचक मुकाबले में पुणे सुपरजाएंट को हराकर आईपीएल-10 का…

Tags: IPL IPL10 IPL2017 Jasprit Bumrah lasith malinga mitchell johnson MS Dhoni ROHIT SHARMA Steve Smith

तीन तलाक: उलेमा की नजर में सज़ा और जुर्माने से लगेगी लगाम!
तीन तलाक: उलेमा की नजर में सज़ा और जुर्माने से लगेगी लगाम!

इन दिनों तीन तलाक का मुद्दा मस्जिदों, मदरसों और पाठशालाओं की परिधि से बाहर निकलकर राष्ट्रीय स्तर…

Tags: AIMPLB blog Khursheed Alam Triple Talaq

BLOG: लड़के पढ़ेंगे लिखेंगे तो बनेंगे नवाब लेकिन लड़कियां हो जाएंगी खराब! कब सुधरेंगे हम?
BLOG: लड़के पढ़ेंगे लिखेंगे तो बनेंगे नवाब लेकिन लड़कियां हो जाएंगी खराब! कब सुधरेंगे हम?

हमारी बच्चियां जीत गई हैं. हरियाणा के रेवाड़ी में 80 लड़कियों की भूख हड़ताल खत्म हो गई…

Tags: blog Girls Education India Masha survey

BLOG: मुंबई के खिलाफ कहां-कहां चूक गए गौतम गंभीर
BLOG: मुंबई के खिलाफ कहां-कहां चूक गए गौतम गंभीर

दो बार की आईपीएल चैंपियन कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम दूसरे क्वालीफायर में मुंबई इंडियंस के खिलाफ एक…

Tags: gautam gambhir IPL IPL 2017 kolkata knight riders mumbai indians ROHIT SHARMA

BLOG: क्या आज मैदान में लौटेगा सन ऑफ सरदार ?
BLOG: क्या आज मैदान में लौटेगा सन ऑफ सरदार ?

बैंगलोर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में आज कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस की टीमें आमने सामने होंगी….

Tags: Harbhajan singh IPL IPL10 IPL2017 kolkata knight riders mumbai indians

BLOG: फाइनल से पहले ही देखने को मिलेगी चैंपियंस की लड़ाई
BLOG: फाइनल से पहले ही देखने को मिलेगी चैंपियंस की लड़ाई

शुक्रवार को आईपीएल का दूसरा क्वालीफायर खेला जाना है. बैंगलोर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट…

Tags: gautam gambhir IPL IPL2017 kkr MI play off ROHIT SHARMA

BLOG: जिसकी बॉलिंग इतनी ‘सुंदर’ वो कितना सुंदर होगा!!!
BLOG: जिसकी बॉलिंग इतनी ‘सुंदर’ वो कितना सुंदर होगा!!!

2013 का साल था. 13 साल के एक लड़के को तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन की तरफ से ‘बेस्ट स्कूल क्रिकेटर’…

Tags: IPL IPL10 IPL2017 RPS Washington Sundar

Blog: यात्रा करने मात्र से नर्मदा सदानीरा नहीं होनेवाली!
Blog: यात्रा करने मात्र से नर्मदा सदानीरा नहीं होनेवाली!

जब किसी भारतवासी को पाप धोने होते हैं तो वह पवित्र नदियों की तरफ भागता है. इसी तर्ज़ पर…

Tags: Narendra Modi Narmada River shivraj singh chouhan

BLOG : तीन तलाक के सहारे कहीं और है मोदी सरकार का निशाना!
BLOG : तीन तलाक के सहारे कहीं और है मोदी सरकार का निशाना!

तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में लगातार चल रही सुनवाई अचानक भटकती नजर आने लगी…

Tags: Modi Government Muslims Narendra Modi government Triple Talaq

देर से ही सही दुरुस्त आया विराट कोहली का ‘गब्बर’
देर से ही सही दुरुस्त आया विराट कोहली का ‘गब्बर’

देर से ही सही लेकिन विराट कोहली का ‘गब्बर’ दुरूस्त वापस आ गया है. गब्बर को उसका इनाम भी…

Tags: champions trophy 2017 shikhar dhawan Team India Virat Kohli

BLOG: किन खिलाड़ियों के लिए अब बंद हो गए हैं टीम इंडिया के दरवाजे?
BLOG: किन खिलाड़ियों के लिए अब बंद हो गए हैं टीम इंडिया के दरवाजे?

गौतम गंभीर और हरभजन सिंह. इन दो खिलाड़ियों के लिए अब टीम इंडिया के दरवाजे बंद हो गए हैं….

Tags: champions trophy gautam gambhir Harbhajan singh IPL Team India Virat Kohli

BLOG: बैंगलोर का जो हाल हुआ वो तो ठीक है लेकिन विराट को क्या हो गया है?
BLOG: बैंगलोर का जो हाल हुआ वो तो ठीक है लेकिन विराट को क्या हो गया है?

एक आम भारतीय क्रिकेट प्रेमी की फिक्र इस वक्त यही है. बैंगलोर के टूर्नामेंट से बाहर होने और लगातार…

Tags: IPL IPL10 IPL2017 RCB Team India Virat Kohli

BLOG: ऋषभ पंत को स्टार बनाने से पहले जरूर याद करें कुछ और खिलाड़ियों का बीता कल
BLOG: ऋषभ पंत को स्टार बनाने से पहले जरूर याद करें कुछ और खिलाड़ियों का बीता कल

मुंबई के ख़िलाफ़ शनिवार के मैच में बग़ैर खाता खोले आउट होने से पहले एक करिश्माई पारी की बदौलत…

Tags: Delhi Dardevils delhi daredevils IPL IPL 2017 IPL10 IPL2017 mumbai indians Rishabh Pant

मर्द पीटता है...फिर माफी मांगता है, बेडरूम की बात ड्राइंगरूम तक भी नहीं पहुंच पाती?
मर्द पीटता है...फिर माफी मांगता है, बेडरूम की बात ड्राइंगरूम तक भी नहीं पहुंच पाती?

काश नेहा रस्तोगी मध्य प्रदेश के सागर में 2017 की अक्षय तृतीया के दिन ब्याही जाती तो…

Tags: blog domestic violence India Masha Women

View More

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017