निजी बैंकों से ग्राहकों को दूर कर सकती है खराब सर्विस

By: | Last Updated: Thursday, 13 March 2014 9:28 AM
निजी बैंकों से ग्राहकों को दूर कर सकती है खराब सर्विस

नई दिल्ली: भारत में निजी क्षेत्र के बैंकों को ग्राहक खोने का जोखिम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की तुलना में अधिक है जिसकी प्रमुख वजह सेवाओं को लेकर ग्राहकों में असंतोष है. प्रौद्योगिकी कंपनी आईबीएम के एक अध्ययन में यह बात सामने आई है.

 

अनुसंधान फर्म आईडीसी द्वारा किए गए इस अध्ययन में कहा गया है कि तेजी से ग्राहक बनाने की नीति चलन से बाहर हो रही है और बैंकों का जोर ब्रांड को विश्वसनीय बनाने पर होना चाहिए.

 

अध्ययन के मुताबिक, नए ग्राहक बनाने और उन्हें बनाए रखने के लिए सेवा की गुणवत्ता महत्वपूर्ण है. यह अध्ययन देश में 10 बैंकों :5 सरकारी व 5 निजी: के 5,000 से अधिक ग्राहकों से मिली प्रतिक्रिया पर आधारित है.

 

अध्ययन में 50 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें बैंकों के बारे में सूचना मुंह जबानी मिलती है. बैंक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दे सकते हैं.

 

आईबीएम आईएसए के उपाध्यक्ष :बीएफएसआई: वेंकटरमणी सुब्रमण्यन ने कहा, ‘‘ बैंकों को अब तेजी से यह एहसास होने लगा है कि ग्राहकों का अनुभव मायने रखता है. समय की जरूरत है कि व्यक्तिगत तौर पर ग्राहकों के निवेश व्यवहार को समझा जाय.’’

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Web Title: निजी बैंकों से ग्राहकों को दूर कर सकती है खराब सर्विस
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