'बॉलीवुड फिल्मों पर हंसते हैं पश्चिमी लोग'

By: | Last Updated: Saturday, 11 January 2014 11:31 AM

कोलकाता: भारतीय मूल के ब्रिटिश लेखक-पटकथा लेखक फरुख धोंडी कहते हैं कि फार्मूला फिल्म में काम करने वालों ने हिंदी फिल्मोद्योग से शायद इस बात का समझौता कर लिया है कि पश्चिम में काम नहीं करना है.

 

उनका कहना है कि बॉलीवुड कलाकार ब्रिटेन में सिर्फ भारतीय मूल के लोगों के बीच लोकप्रिय हैं. धोंडी टीवी और फिल्मों के लिए कई पटकथाएं लिख चुके हैं. उन्होंने ‘स्प्लिट वाइड ओपन’ (1999) और ‘द राइजिंग : बैलड ऑफ मंगल पांडेय’ (2005) की पटकथा लिखी है.

 

उन्होंने शुक्रवार को एपीजे कोलकाता लिटरेरी फेस्टिवल 2014 के मौके पर आईएएनएस को बताया, “आज आप स्लमडॉग मिलिनियेर सरीखी भारतीय फिल्में बना सकते हैं और ऑस्कर जीतते हैं, लेकिन बॉलीवुड की सिर्फ विशेष फार्मूला फिल्म बनाने की मानसिकता पश्चिम में काम नहीं करती..लोग इस पर हंसते हैं.”

 

उन्होंने कहा, “वे अभिनय की शैली नहीं ले सकते.”

 

इस पुरस्कार विजेता लेखक की वर्ष 2013 की किताब ‘प्रोफेट ऑफ लव’ का यहां महोत्सव में रविवार को विमोचन किया गया था.

 

यह किताब भारत-वियतनामी मूल के कुख्यात सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज पर आधारित है. इस उपन्यास को रूपांतरित कर एक फिल्म बन रही है. फिल्म 2014 के अंत तक बड़े पर्दे पर होगी.

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Web Title: ‘बॉलीवुड फिल्मों पर हंसते हैं पश्चिमी लोग’
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