भारत के अलगाववादी संगठन उल्फा के नेता परेश बरुआ सहित 14 को बांग्लादेश ने सुनाई मौत की सजा

By: | Last Updated: Friday, 31 January 2014 4:06 AM

ढाका: नार्थईस्ट भारत में सक्रिय अलगाववादी संगठन उल्फा के शांति वार्ता विरोधी गुट के नेता परेश बरुआ और 13 अन्य को बांग्लादेश की एक अदालत ने साल 2004 में हथियारों की तस्करी के एक मामले में मौत की सजा सुनाई है. भारत को इस संबंध में आधिकारिक संदेश का इंतजार है.

 

समाचार पत्र ‘डेली स्टार’ की रिपोर्ट के अनुसार चटगांव की एक विशेष अदालत ने जमात के प्रमुख और तत्कालीन उद्योग मंत्री मोतिउर रहमान निजामी और तत्कालीन गृह राज्य मंत्री लुत्फजमां बाबर सहित 13 अन्य लोगों और बरुआ को वर्ष 2004 में 10 ट्रक हथियारों की तस्करी के मामले में मौत की सजा सुनाई है.

 

बरुआ भारत के नार्थईस्ट में सक्रिय यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्पा) के कमांडर इन चीफ है और वो फरार हैं. चटगांव मेट्रोपोलिटन विशेष न्यायाधिकरण-1 के जज मोजिबुर रहमान ने फैसला सुनाते समय कहा, “हाई कोर्ट से अनुमति लेने के बाद फैसला सुनाया जा रहा है.” कर्नफूली नदी के नजदीक 2 अप्रैल 2004 को चटगांव यूरिया उर्वरक निगम के घाट पर 10 ट्रकों में लादे जा रहे हथियारों की एक विशाल खेप पकड़ी गई थी. हथियारों की यह खेप उल्फा को सौंपी जानी थी.

 

इस खेप में विभिन्न प्रकार के 4,930 अत्याधुनिक अग्नेयास्त्र, 840 रॉकेट लांचर, 300 रॉकेट, 27,020 ग्रेनेड, 2,000 ग्रेनेड लांचर ट्यूब, 6,392 मैगजीन और 1.141 करोड़ गोलियां बरामद की गई थीं. यह देश में हथियारों की अब तक की सबसे बड़ी खेप बरामद की गई थी. इस मामले में दो आरोप पत्र दायर किए गए. एक हथियारों के मामले में दो माह बाद और दूसर तस्करी के आरोप में चार माह बाद. मुकदमा 2005 में शुरू हुआ.

 

इस मामले में मजदूरों, ट्रक वालों और ट्रालर चालकों को दोषी ठहराया गया और बाकी बड़े लोगों को बरी कर दिया गया. बहरहाल 11 जनवरी 2007 को आई कार्यवाहक सरकार ने इस मामले को फिर से खोला. चटगांव मेट्रोपॉलिटन जज ने 14 फरवरी को इस मामले की नए सिरे से जांच करने का आदेश दिया. जून 2011 में अपराध जांच विभाग ने दो पूरक आरोप पत्र दायर किए जिनमें 11 नए संदिग्धों को शामिल किया गया.

 

परेश बरुआ और अन्य का नाम दोनों आरोप पत्रों में शामिल था. बरुआ और औद्योगिक मंत्रालय के पूर्व सचिव नुरुल अमीन जहां हथियारों की बरामदगी के बाद से ही फरार हैं वहीं अन्य नौ आरोपी जेल में हैं. इधर भारत के असम ने गुरुवार को कहा कि बरुआ को मौत की सजा दिए जाने के बारे में अधिकृत जानकारी मिलने तक वह कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं कर सकता.

 

राज्य के गृह सचिव जी. डी. त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने मीडिया में आई खबर देखी है, लेकिन अभी तक कोई अधिकृत संदेश नहीं मिला है. उन्होंने कहा, “केवल औपचारिक सूचना मिलने के बाद ही मैं अपनी प्रतिक्रिया जाहिर कर सकता हूं.”

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Web Title: भारत के अलगाववादी संगठन उल्फा के नेता परेश बरुआ सहित 14 को बांग्लादेश ने सुनाई मौत की सजा
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