रेल संपर्क के अभाव से कोल इंडिया 30 करोड़ टन अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति करने में असमर्थ

By: | Last Updated: Thursday, 27 February 2014 9:03 AM

नयी दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया ने कहा है कि कोयले की ढुलाई के लिये प्रमुख रेल संपर्क नहीं होने से 30 करोड़ टन अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति के लिये संभावना का दोहन करने में असमर्थ है.

 

कोल इंडिया लि. के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक एस नरसिंग राव ने कहा, ‘‘हमारे पास कुछ कोलियरी से 30 करोड़ टन अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति करने की संभावना है लेकिन महत्वपूर्ण रेल ढांचागत सुविधा के अभाव में हम ऐसा नहीं कर पा रहे हैं.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में हम अगले कुछ साल में सालाना केवल 3 करोड़ टन वृद्धि करने में सक्षम हैं.’’ राव ने कहा कि अगर महत्वपूर्ण तीन रेल संपर्क में तेजी लायी जाती है तो कंपनी उन ग्राहकों को 30 करोड़ टन अतिरिक्त कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करेगी जो ईंधन की कमी झेल रहे हैं.

 

तीन रेल गलियारें झारखंड के उत्तरी कर्णपुर में तोरी-शिवपुरी-कथेटिया, छत्तीसगढ़ में मांड रायगढ़ खानों के लिये भुपदेवपुर-कोरिछापर तथा ओड़िशा के आईबी घाटी में बारपारी-झरसुगुडा हैं. ये तीनों रेल मार्ग विकास के विभिन्न चरणों में हैं.

 

कोल इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक का बयान ऐसे समय आय है जब प्रधानमंत्री कार्यालय ने उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी समिति गठित की है जो संभावित कोयला क्षेत्रों में प्रमुख रेल परियोजनाओं के क्रियान्यवयन के मामले को देख रही है.

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Web Title: रेल संपर्क के अभाव से कोल इंडिया 30 करोड़ टन अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति करने में असमर्थ
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