संपत्ति विवाद में शर्मिला टैगोर की मुश्किलें बढ़ीं

By: | Last Updated: Wednesday, 30 April 2014 8:42 AM
संपत्ति विवाद में शर्मिला टैगोर की मुश्किलें बढ़ीं

दिवंगत नवाब मंसूर अली ख़ान की बेगम आयशा शर्मिला टैगोर बॉलीबुड़ के गोल्डन एज की अदाकाराओं में प्रमुख रही हैं

भोपाल: भोपाल की पूर्व रियासत के नवाब हमीदुल्ला खान की सम्पत्ति के बंटवारे की यहां चल रही कार्यवाही के खिलाफ उठ रहे विरोध के स्वरों की वजह से पूर्व क्रिकेटर दिवंगत नवाब मंसूर अली खान की बेगम आयशा शर्मिला टैगोर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं और कल उन्हें अपनी अहमदाबाद कोठी :फ्लैग स्टाफ हाउस: से बाहर निकलने के लिए पुलिस की सुरक्षा लेनी पड़ी.

 

दूसरी ओर, नवाब हमीदुल्ला खान की सम्पत्ति के बंटवारे के खिलाफ प्रदर्शन करने की घोषणा करने वाली संस्था के प्रमुख को कथित रुप से जान से मारने की धमकी दिए जाने से मामले में नया मोड़ आ गया है.

 

इसी घटनाक्रम के चलते पूर्व क्रिकेटर दिवंगत नवाब मंसूर अली खान पटौदी की बेगम आयशा शर्मिला टैगोर को पुलिस संरक्षण में फ्लैग स्टाफ हाउस (अहमदाबाद कोठी) से बाहर निकलकर वीआईपी रोड स्थित होटल जाना पड़ा, जहां वे पिछले चार दिन से रुकी हुई हैं.

 

सम्पत्ति बंटवारे के चलते बेगम शर्मिला कोठी में रखे काफी सामान की पैकिंग करा चुकी हैं, जिसे वे अपने साथ ले जाएंगी. संभवत: वह आज शाम दिल्ली रवाना होंगी.

 

भोपाल उत्तर के पुलिस अधीक्षक अरविंद सक्सेना ने आज बताया कि कोठी के बाहर भीड़ जमा होने की वजह से शर्मिला ने कल दोपहर पुलिस कंट्रोल रुम को फोन कर बाहर निकलने के लिए पुलिस सुरक्षा की गुहार लगाई थी.

 

बताया जाता है कि रोज की तरह बेगम शर्मिला कल भी कोठी में अपने हिस्से में आए कीमती सामान की ‘पैकिंग’ करा रही थीं. इसी दौरान मीडियाकर्मी कोठी के बाहर जमा होने लगे. उन्हें सूचना मिली थी कि ‘सहारा सामाजिक उत्थान समिति’ के अध्यक्ष मेहराज खान मस्तान नवाब परिवार में चल रहे सम्पत्ति बंटवारे के खिलाफ यहां प्रदर्शन करने आने वाले हैं.

 

काफी देर इंतजार के बाद भी मस्तान वहां नहीं पहुंचे. कोठी के बाहर भीड़ जमा होने की भनक बेगम शर्मिला को लगी तो उन्होंने पुलिस कंट्रोल रुम फोन कर दिया.

 

भोपाल उत्तर के पुलिस अधीक्षक सक्सेना ने बताया कि शर्मिला के फोन के बाद उन्होंने तत्काल कोहेफिजा थाना प्रभारी मनीष मित्रा को पुलिस बल के साथ वहां पहुंचने के निर्देश दिए. मित्रा ने कोठी के भीतर पहुंच कर शर्मिला से बातचीत की.

 

बेगम ने थाना प्रभारी मित्रा से कहा कि कोठी के बाहर से भीड़ हटवाएं और उन्हें सुरक्षित रुप से उनकी कार तक पहुंचाएं. मित्रा ने उन्हें पुलिस संरक्षण में बाहर कार तक पहुंचाया, जिसमें बैठ कर वह होटल रवाना हो गईं.

 

इधर मामले में तब नया मोड़ आ गया जब मस्तान ने कोहेफिजा थाना पहुंच कर शिकायत दर्ज कराई कि उनके लालघाटी स्थित घर पर कोई पांच अज्ञात लोग पहुंचे, उनके परिवार के एक बच्चे को धमकी भरा पत्र थमाया और वापस चले गए.

 

मस्तान के अनुसार, पत्र में उन्हें धमकी दी गई है कि यदि धरना-प्रदर्शन किया तो उन्हें गोली मार दी जाएगी. मस्तान का कहना है कि इस दौरान वह अपने कोहेफिजा स्थित दूसरे घर में थे.

 

लालघाटी स्थित घर पहुंचने पर इस पत्र की जानकारी मिली. धमकी मिलने से उनका पूरा परिवार डरा हुआ है. उन्होंने पुलिस को बताया कि न तो वे धमकी देने वालों के नाम जानते हैं और न ही उनका हुलिया.

 

इसका कारण यह है कि अज्ञात लोग पत्र घर के एक बच्चे को देकर तेजी से निकल गए थे. इसी वजह से वह तनाव में आ गए और प्रदर्शन नहीं कर सके. उन्होंने कहा कि वह डरे नहीं हैं और अब आगे ज्यादा बड़ा प्रदर्शन करेंगे.

 

मस्तान की मांग है कि भोपाल के पूर्व नवाब की बहुत सी निशानियां भोपाल शहर की ऐतिहासिक धरोहर हैं, इन्हें न तो बेचा जाना चाहिए और न उसे यहां से कहीं बाहर भेजा जाना चाहिए.

 

पुलिए अधीक्षक सक्सेना ने मस्तान द्वारा उन्हें धमकी मिलने की शिकायत करने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि मस्तान से चर्चा करने के बाद मामले की जांच कराएंगे.

 

उन्होंने कहा कि मस्तान ने अहमदाबाद कोठी के बाहर प्रदर्शन करने की जिला प्रशासन से अनुमति नहीं ली थी. नियमानुसार उन्हें अनुमति लेने के बाद ही इसकी घोषणा करना थी.

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Web Title: संपत्ति विवाद में शर्मिला टैगोर की मुश्किलें बढ़ीं
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