'साल 2013 में मौत की सजा पाने वालों की संख्या बढ़ी, चीन सबसे बड़ा सरकारी जल्लाद'

By: | Last Updated: Thursday, 27 March 2014 8:21 AM

लंदन: अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आज कहा कि इराक और ईरान में मौत की सजा पाने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी के बाद दुनिया भर में मौत की सजा पाने वाले लोगों की संख्या पिछले साल बढ़कर कम से कम 778 हो गई. एमनेस्टी ने कहा है कि चीन अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी जल्लाद बना हुआ है.

 

लंदन के मानवाधिकार संगठन ने कहा कि बीजिंग ने अपने हजारों नागरिक मार डाले हैं. यह संख्या बाकी दुनिया की इस संख्या को एकसाथ रखने से भी ज्यादा है. दुनिया भर में मौत की सजाओं और फांसी पर संगठन की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी प्रशासन ‘‘मौत की सजाओं और फांसी के आंकड़ों को सरकारी राज बनाकर रखती है.’’

 

एमनेस्टी के वैश्विक मुद्दों की निदेशक ऑड्रे गौघ्रेन ने एएफपी को बताया, ‘‘मौत की सजा पर चीनी गोपनीयता की ओर ध्यान आकषिर्त किए जाने की जरूरत है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘चीनी अधिकारियों का कहना है कि साल 2007 के बाद से उन्होंने मौत की सजा घटाई है.  हमारी उनके लिए चुनौती है कि यदि उन्होंने ऐसा किया है तो वे इसके आंकड़े प्रकाशित करके हमें दिखाएं.’’

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Web Title: ‘साल 2013 में मौत की सजा पाने वालों की संख्या बढ़ी, चीन सबसे बड़ा सरकारी जल्लाद’
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