सुपर हीरो और 'टीवी के हनुमान' दारा सिंह का जीवन

सुपर हीरो और 'टीवी के हनुमान' दारा सिंह का जीवन

By: | Updated: 12 Jul 2012 06:22 AM

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<b>मुंबई:</b> दारा
सिंह का जिक्र आते ही जो
तस्वीर हमारे सामने उभरती है
वो है पवनपुत्र हनुमान की. ये
वो किरदार था जो दारा सिंह ने
62 साल की उम्र में निभाया था.
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साल 1987 में आए रामायण
धारावाहिक सफलता की कहानी ने
सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़े.
इस धारावाहिक में हनुमान के
किरदार ने दारा सिंह को आम
लोगों के बीच भी उनके जीवन का
हनुमान बना दिया.
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दारा सिंह का जन्म अमृतसर के
धरमु चक गांव में 19 नवंबर 1928 को
हुआ था. कुश्ती के अखाड़े में
देश-विदेश में जब वो देश का
नाम ऊंचा कर 1952 में जब वो भारत
लौटे तो फिल्मी दुनिया उनका
इंतजार कर रही थी.
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दारा सिंह के फिल्मी करियर की
शुरुआत 1954 में आई संगदिल
फिल्म से हुई लेकिन असल
कामयाबी हासिल हुई 1962 में आई
फिल्म किंग कॉंग से. ये फिल्म
कुश्ती पर ही आधारित थी.
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दारा सिंह ने सौ से ज्यादा
फिल्मों में काम किया और
भक्ति की शक्ति जैसी फिल्मों
बनाईं भी.
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दारा सिंह ने धार्मिक किरदार
निभाने की शुरुआत भी बड़े
पर्दे से की. दारा सिंह की
पहली धार्मिक फिल्म थी 1968 में
आई बलराम श्रीकृष्ण जिसमें
दारा सिंह ने बलराम की भूमिका
निभाई थी.
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बीजेपी ने दारा सिंह को साल
दो हजार तीन में राज्यसभा के
लिए नामांकित किया. 2009 तक वो
राज्यसभा के सांसद भी रहे.
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<b>पहलवानी का करियर</b>
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दारा सिंह हमारे बीच नहीं
रहे, लेकिन वो लोगों के
दिलोदिमाग में लंबे समय तक
जिंदा रहेंगे. फिल्मी परदे पर
दारा सिंह अपनी पहलवानी की
वजह से ही आए.
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19 नवंबर 1928 को अमृतसर के
धर्मूचक गांव में जन्मे दारा
सिंह ने पहलवानी के दांव-पेंच
अपने गांव में ही सीखे थे.
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1950 में दारा सिंह ने पहली
कुश्ती प्रतियोगिता जीती.
गांव, कस्बों के दंगल जीतने
के बाद वो सिंगापुर चले गए और
फिर 1952 में वहां से लौटे.
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1954 में दारा सिंह ने भारत में
कुश्ती चेंपियनशिप जीती,
लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा
चर्चा उस समय मिली जब
उन्होंने 1959 में नामी पहलवान
किंगकांग को हराया.
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फ्रीस्टाइल कुश्ती में
किंगकांग को हराने के बाद तो
दुनिया भर में दारा सिंह का
दबदबा कायम हो गया.
फ्रीस्टाइल कुश्ती के
पहलवान उनके नाम से कांपते
थे. 1959 में कोलकाता में हुई
कॉमनवेल्थ फ्रीस्टाइल
चैंपियनशिप में दुनिया का
कोई पहलवान उनके आगे टिक नहीं
पाया.
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दारा सिंह ने 1959 में
कॉमनवेल्थ फ्रीस्टाइल
चैंपियनशिप तो जीती ही उसी
साल कनाडा के पहलवान जॉर्ज
गार्डियंस और न्यूजीलैंड के
जॉन डिसिल्वा को हराया. लेकिन
दारा सिंह की जिंदगी की सबसे
बड़ी कामयाबी थी फ्रीस्टाइल
कुश्ती की विश्व चैंपियन
जीतना.
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1968 में उन्होंने अमेरिका के
लाऊ थेज को पटखनी देकर
फ्रीस्टाइल की विश्व
चैंपियनशिप जीती. इसके बाद इस
कुश्ती में पूरी दुनिया में
उनका एकछत्र राज हो गया. 1983 में
दारा सिंह ने कुश्ती से
संन्यास ले लिया था.<br />
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