स्थिर सरकार, घाटे में सुधार और लगातार विदेशी मुद्रा प्रवाह चाहता है शेयर बाजार

By: | Last Updated: Thursday, 2 January 2014 4:28 AM

नयी दिल्ली: केन्द्र में स्थिर सरकार, चालू खाते के घाटे (CAD) की स्थिति में सुधार और विदेशी संस्थागत निवेशकों की तरफ से लगातर विदेशी मुद्रा प्रवाह कुछ मुद्दे हैं जिनको लेकर 2014 में शेयर बाजार उम्मीद लगाये बैठा है. इसके साथ ही शेयर बाजार में सकारात्मक वैश्विक संकेत और बेहतर नीतिगत निर्णयों की भी उम्मीद रहेगी.

 

समाप्त वर्ष 2013 में बेहतर विदेशी निवेश, चुनावों को लेकर उम्मीद के चलते बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स में 9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई.

 

शेयर कारोबारियों का कहना है कि आगामी लोकसभा चुनावों के बाद व्यापक आर्थिक सुधारों के आगे बढ़ने और विदेशी संस्थागत निवेशकों का प्रवाह तेज होने से आर्थिक सुस्ती और उंची मुद्रास्फीति को लेकर बनी चिंता दूर होगी. इससे 2014 में बेहतर कारोबार की उम्मीद है.

 

मोतीलाल ओसवाल सिक्युरिटीज में ग्रुप लीडर इक्विटी एडवाइजरी समूह के उपाध्यक्ष राहुल शाह ने कहा ‘‘स्थिर सरकार, कैड में सुधार और बेहतर नीति निर्णय कुछ बातें हैं जिनकी शेयर बाजार को जरूरत है. इनसे वर्ष 2014 शेयर बाजार के लिये बेहतर हो सकता है.’’

 

उन्होंने कहा ‘‘यदि केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाला गठबंधन सत्ता में आता है तो बाजार में गिरावट की आशंका नहीं है और उम्मीद है कि नई सरकार रुके हुए सुधारों को आगे बढ़ायेगी.’’

 

बाजार विश्लेषकों के अनुसार नये साल में निसंदेह आम चुनाव सबसे बड़ी घटना होंगे. शाह का कहना है कि ‘‘बाजार में धारणा है कि आम चुनावों के बाद केन्द्र में सरकार बदल सकती है और नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार बनती है तो बाजार में निश्चित ही तेजी आयेगी’’

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