हमें मर्दानगी को फिर से परिभाषित करने की जरूरत है: आमिर खान

By: | Last Updated: Thursday, 23 April 2015 9:09 AM

न्यूयार्क/नई दिल्ली: महिलाओं के खिलाफ बलात्कार एवं हिंसा की समस्या से भारत के जूझने के बीच सुपरस्टार आमिर खान ने कहा है कि भारत में शक्ति का संतुलन बदलने की जरूरत है और पुरूषत्व को फिर से परिभाषित किया जाना चाहिए.

 

वह ‘विश्व में महिलाएं’ विषयक प्रतिष्ठित छठे वाषिर्क सम्मेलन में हिस्सा लेने यहां आए थे जिसका आयोजन मशहूर पत्रकार और लेखिका टीना ब्राउन ने यहां न्यूयार्क टाइम्स के साथ मिलकर किया.

 

खान ने ‘भारत की वर्जनाओं से निबटना’ नामक सत्र में कहा, ‘‘बलात्कार भारत में एक बड़ा मुद्दा है. ’’ उनकी इराकी मूल की अमेरिकी मानवतावादी जैनब साल्बी से परिचर्चा चल रही थी जिन्होंने वूमेन इंटरनेशनल की स्थापना की है. यह संगठन युद्धप्रभावित महिलाओं के लिए काम करता है.

 

फिल्म ‘पीके’ के स्टार ने कहा कि बलात्कार पीड़िता से अक्सर पुलिस एवं चिकित्साकर्मी बुरा बर्ताव करते हैं और उसे शीघ्र न्याय नहीं मिलता.

 

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में शक्ति संतुलन बदलने की जरूरत है. जबतक दोषसिद्धि त्वरित एवं निश्चित नहीं होती, भारत में चीजें बदलने नहीं जा रही है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक समाज के तौर पर हमें बलात्कारी से किनारा करना और बलात्कार पीड़िता को गले लगाना होगा. ’’

 

जब खान से डॉक्यूमेंट्री ‘इंडियाज डॉटर’ पर प्रतिबंध के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह फिल्म भारत में नहीं दिखायी गयी. वैसे उन्होंने अबतक यह फिल्म नहीं देखी है लेकिन हर जगह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होनी चाहिए. उन्होंने बच्चों खासकर लड़कों को महिला-पुरूष संवेदनशीलता की पाठ पढ़ाये जाने की वकालत की और कहा कि समाज को छोटे लड़कों को यह समझने देना चाहिए कि रोना, डरना और अपनी भावनाएं व्यक्त करना बिल्कुल ठीक है.

 

खान ने कहा , ‘‘क्या असल आदमी वह है जो जाता है और लोगों को पीटता है, क्या असल आदमी वह है जो रक्षक है…. जबतक आप इस पर विचार नहीं करते या इसकी फिर से परिभाषा नहीं करते कि आदमी कौन है, चीजें नहीं बदलने वाली है. ’’ उन्होंने कहा कि भारत में लोगों से बाचतीत के आधार पर एक असल व्यक्ति की परिभाषा यह है कि वह रोये नहीं, अपनी पत्नी का हाथ नहीं पकड़े और अपने बच्चों को गले नहीं लगाए.

 

खान ने कहा, ‘‘असल पुरूष कौन है, की इन परिभाषाओं के मुताबिक तो मैं बिल्कुल सही पुरूष नहीं हूं, क्योंकि मैं हर वक्त अपनी पत्नी के हाथ पकड़ता हूं, अपने बच्चों को गले लगाता है और रोता हूं. ’’

Bollywood News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: aamir_khan_on_menz
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Related Stories

नवाजुद्दीन ने 'बाबूमोशाय बंदूकबाज' को दिल्ली में किया प्रमोट
नवाजुद्दीन ने 'बाबूमोशाय बंदूकबाज' को दिल्ली में किया प्रमोट

नई दिल्ली : बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी आगामी फिल्म ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’...

लोगों को सामाज का मन समझने में समय लगता है : अक्षय कुमार
लोगों को सामाज का मन समझने में समय लगता है : अक्षय कुमार

मुंबई : सामाजिक संदेश देने वाली फिल्मों के लिए प्रसिद्ध अक्षय कुमार का मानना है कि लोगों को...

Box Office : जानें पहले दिन 'बरेली की बर्फी' ने की है कितनी कमाई?
Box Office : जानें पहले दिन 'बरेली की बर्फी' ने की है कितनी कमाई?

मुंबई : कृति सैनन, आयुष्मान खुराना और राजकुमार राव अभिनीत फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ ने...

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017