क्या लैपटॉप, स्कूटी और टीवी से जीतेगी बीजेपी?

By: | Last Updated: Thursday, 1 October 2015 11:50 AM
BJP vision_documents and its main points

नई दिल्ली: बीजेपी ने बिहार के लिए अपना प्लान पेश कर दिया है. छात्रों को लैपटॉप, छात्राओं को स्कूटी और दलित-महादलित टोले में रंगीन टीवी के साथ कई लोक लुभावन वादे किये गये हैं. पार्टी ने घोषणापत्र की बजाए दृष्टि पत्र यानी विजन डॉक्यूमेंट जारी किया है . अब सवाल ये है कि क्या इस दृष्टि पत्र के दम पर बीजेपी बिहार की जंग जीत पाएगी?

 

बिहार जीतने के 10 सूत्र

 

बीजेपी ने बिहार के दंगल को जीतने के लिए 10 मुद्दों पर अपना फोकस रखा है. छात्रों के अलावा सूचना प्रोद्यौगिकी, उद्योग व्यवसाय, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, एससीएसटी ओबीसी, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण, रोजगार और तकनीकी शिक्षा, प्रशासनिक सुधार को केंद्र में रखकर पूरा प्लान तैयार किया गया है.

 

पीएम मोदी के तमाम महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट को इसमें शामिल किया गया है. मसलन मेक इन बिहार, डिजिटल बिहार, स्क्लिड बिहार और स्वच्छ बिहार का सपना दिखाया गया है. ई गवर्नेंस, मोबाइल गवर्नेंस, हर परिवार से एक ई-लिट्रेट और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के जरिये बिहार के लोगों को आधुनिकता की रेस में बने रहने का प्लान पेश किया है.

 

लैपटॉप, स्कूटी का लॉलीपॉप

 

सबसे लोक लुभावन वादा है लैपटॉप और स्कूटी का. बिहार में अब भी लैपटॉप को हाई सोसाइटी की पहचान के तौर पर देखा जाता है. बीजेपी ने वादा किया है कि मैट्रिक और इंटर पास करने वाले 50 हजार छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे. मैट्रिक और इंटर पास छात्र-छात्राओं को स्कूटी देने का भी वादा बीजेपी ने किया है.

 

भले ही इस वादे को लोक लुभावन माना जा रहा है लेकिन इस वादे का बिहार जैसे राज्य में बड़ा प्रभाव पड़ सकता है. लड़कियों को साइकिल देकर ही नीतीश बिहार में हीरो हो गये थे. अब उससे आगे जाकर स्कूटी का वादा करना बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. 2012 में यूपी में समाजवादी पार्टी ने लैपटॉप का वादा किया था, और वहां उनकी सरकार बन गई थी. छात्रों के लिए ऐसे वादे इसलिए फायदे का सौदा माना जाता है क्योंकि हर परिवार में बच्चे होते हैं. और इसका इमोशनल प्रभाव पड़ता है. मिड डे मिल और चावल, गेंहू, 100-200 रुपये लेने के लिए अभी स्कूलों में लाइन लगी रहती है. ऐसे में लैपटॉप और स्कूटी जैसी योजनाएं जहां छात्र-छात्राओं में प्रतियोगिता की भावना को बढ़ावा देगी वहीं अच्छे नंबर के लिए राज्य में पढ़ाई का माहौल भी तैयार होगा. अभी तक साइकिल के सहारे बिहार पढ़ रहा था और बढ़ रहा था. लेकिन इस एलान से बिहार के लोगों की महत्वकांक्षाएं कुलाछे मार रही होंगी .

 

सड़क, शहर और गांवों को चमकाने का वादा

 

बीजेपी ने बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर दिया है. बारहमासी पक्की सड़क का मतलब ये हुआ कि बरसात के दिनों में भी लोगों को घर तक पहुंचने में दिक्कत नहीं होगी. सड़कों का जाल बढ़ाने के लिए नीतीश से एक कदम आगे जाकर प्रखंड मुख्यालय से जिला मुख्यालय तक की सड़कों को टू लेन बनाने का वादा किया गया है. 2022 तक सबको पक्का घर वो भी बिजली, पानी और शौचालय के साथ देने का लक्ष्य है. अपने आप में ये योजना भी बहुत बड़ी है. हालांकि सबको घर का लक्ष्य मोदी सरकार की योजना में शामिल है. शहरों में पीने का पानी, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, टाउन हॉल, बाईपास, पार्किंग, मॉर्डन बस स्टैंड का सपना दिखाया गया है. सुविधाओं के लिहाज से देखें तो बिहार में एक भी ऐसा शहर नहीं है जिसकी किसी दूसरे राज्य के किसी भी शहर से तुलना हो सके.

 

दलित-महादलित बस्तियों में रंगीन टीवी

दलित-महादलित वोट बैंक इस बार एनडीए का हिस्सा हो गया है. लिहाजा उनके लिए बस्तियों में मोबाइल हॉस्पिटल की सुविधा देने का वादा किया गया है. हर साल एक जोड़ी धोती- साडी के साथ ही दलित-महादलित टोलों में एक रंगीन टीवी का वादा बीजेपी ने किया है. बिहार में गांवों की संख्या 50 हजार के आसपास है. इस हिसाब से अगर एक गांव में दलित-महादलितों के कम से कम दो टोले मान लें  1 लाख रंगीन टीवी का हिसाब बैठता है. वैसे ये साफ नहीं है कि सरकार बनने पर जो रंगीन टीवी दी जाएगी वो लगेगी कहां?

 

किसानों के लिए हर साल अलग बजट पेश करने का भी वादा किया गया है. रोजगार के लिए सभी प्रखंडों में मिनी आईटीआई, सभी अनुमंडलों में आईटीआई और सभी जिलों में पोलिटेक्निक, मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा बीजेपी ने किया है. बिहार में सालों से कई नए अनुमंडल और जिला बनाने की मांग हो रही है . पिछले करीब पंद्रह साल से ये काम ठप पड़ा हुआ है . सरकार बनने पर बाढ़, झंझारपुर, नवगछिया, बगहा, रक्सौल जैसे शहरों के जिला बनने का रास्ता साफ हो सकता है. करीब पचास ब्लॉक और सब डिविजन की मांग की फाइल फंसी हुई है.

 

पहली बार नहीं दे रही स्कीम

 

अब सवाल ये है कि बीजेपी स्कूटी, लैपटॉप, धोती साड़ी और टीवी के जो वादे कर रही है क्या पहली बार कर रही है? तो इसका जवाब ये है कि मध्य प्रदेश में 10वीं, 12वीं में 70 फीसदी से ज्यादा नंबर लाने वालों को स्मार्ट मोबाइल फोन का वादा बीजेपी ने किया था . छत्तीसगढ़ में ग्रेजुएशन के टॉपर को लैपटॉप की स्कीम जारी है . राजस्थान में पहली बार मेधावी छात्राओं को वसुंधरा राजे ने स्कूटी दी थी .  पंजाब में भी 12 वीं की छात्राओं को लैपटॉप का वादा किया गया था . मतलब ये कि बिहार में इस तरह का वादा नया नहीं है .

 

नीतीश से कितना अलग है बीजेपी का प्लान ?

 

नीतीश कुमार ने विकास के सात्र सूत्र पेश किये थे . नीतीश की ओर से कॉलेज यूनिवर्सिटी में फ्री वाई फाई का वादा किया गया है . बेरोजगारी भत्ता 9 महीने तक 2 बार 1000-1000 रुपये दिये जाएंगे . 12वीं पास छात्रों के लिए 4 लाख तक लोन की स्कीम . सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण, सभी जिलों में रोजगार परामर्श केंद्र खोलने, हर गांव में 24 घंटे बिजली, हर घर में नल, पक्की सड़क, शौचालय का वादा किया गया है . नीतीश ने 5 मेडिकल कॉलेज खोलने का भी वादा अपने विजन डॉक्यूमेंट में कर रखा है . नीतीश के विजन डॉक्यूमेंट का नाम है नीतीश निश्चय विकास की गारंटी . जबकि बीजेपी ने विकास और विश्वास का दृष्टि पत्र नाम दिया है.

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