राजनीतिक गलियारों में भी गूंज उठा  ‘मांझी- द माउंटेन मैन’का शोर

By: | Last Updated: Saturday, 22 August 2015 2:16 PM
dasrath manjhi_political_party

पटना: बेशक फिल्म ‘मांझी- द माउंटेन मैन’अपनी सफलता की नई इबारत लिख रही है हर जगह  फिल्म को सराहा जा रहा है. फिल्म की सफलता की गूंज राजनीतिक गलियारों में भी शोर मचा रही है. अभिनेता से राजनेता बने भाजपा के पाटलिपुत्र से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बिहार के गया जिला निवासी और गरीब भूमिहीन मजदूर दशरथ मांझी की जीवनी पर आधारित फिल्म ‘मांझी- द माउंटेन मैन’ की प्रशंसा करते हुए आज कहा कि यही बिहार का असली और मजबूत डीएनए है.

 

शत्रुघ्न ने ट्विट कर फिल्म ‘मांझी- द माउंटेन मैन’ की तारीफ करते हुए आज कहा कि गतिशील, सच्चाई पर आधारित और सही समय पर फिल्माई गयी यह फिल्म बिहार के गौरव और यहां की माटी के एक पुत्र के असली और मजबूत डीएनए को प्रदर्शित करता है.

 

इससे पहले बिहार के पुर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने फिल्म की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को फिल्म देखने तक की सलाह दे डाली थी

 

आपको बताते चलें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘मांझी- द माउंटेन मैन’फिल्म को पूरे बिहार में टैक्स फ्री कर दिया है

 

इस फिल्म के नायक नवाजुद्दीन सिद्दीकी और नायिका राधिका आप्टे के अभिनय की जमकर तारीफ है. नवाजुद्दीन सिद्दीकी के जीवंत अभिनय ने दशरथ मांझी के किरदार को बडे पर्दे पर उकेर कर रख दिया है.

 

राजनीतिक हलकों में इस फिल्म की चर्चा की वजह होने वाले बिहार चुनाव भी हो सकते हैं. नेतागण दशरथ मांझी की शक्ल में बिहार का असली और मजबूत डीएनए तलाश रहे हैं

 

वैसे आपको बताते चलें कि  माउंटेन मैन के नाम से चर्चित रहे दशरथ मांझी का जन्म बिहार के एक छोटे से गाँव गहलौर में हुआ था .मांझी आर्थिक रूप से कमजोर और महादलित मुसहर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं.उनका गांव पहाड़ के बीच होने के कारण वह सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सेवा सहित अन्य मूलभूत सेवाओं से वंचित थे. दुर्गम जगह पर गांव के होने पर वहां के लोग हमेशा खुद को कोसा करते थे.

 

गहलौर के गरीब भूमिहीन मजदूर मांझी पास के जमींदारों के खेतों में काम किया करते थे. 1959 में उनकी पत्नी बीमार पड़ी तो वह सड़क के अभाव में उन्हें अस्पताल नहीं ले जा सके. इससे वह बहुत दुखी हुए. अपनी पत्नी की मौत के वियोग में अगले 22 वष्रो तक छेनी और हथौडी की मदद से पहाड को काटकर रास्ता बनाने के लिए प्रयासरत रहे. आखिरकार, वह 360 फुट लंबा और 30 फुट चौडा रास्ता बनाने में सफल हुए.

 

 

पहाड़ को काट कर बनाए गए उस रास्ते के कारण उनके गांव की दूरी पास के वजीरगंज प्रखंड से 55 किलोमीटर से घट कर 15 किलोमीटर हो गयी.

 

मांझी की मृत्य वर्ष 2007 में हुई. उनका अंतिम संस्कार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजकीय सम्मान के साथ कराया था

 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा मांझी के नाम पर वर्ष 2010-11 में शुरू की गयी दशरथ मांझी कौशल विकास योजना के तहत अबतक कुल 83792 युवक एवं युवतियों को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा चुका है.

Bollywood News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: dasrath manjhi_political_party
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017