क्या यही है दीपावली!

By: | Last Updated: Wednesday, 22 October 2014 7:27 PM

नई दिल्ली: चाइनीज लाइटों से सजें मकान, तरह- तरह की मिठाईयां और पटाखें. क्या बस इन्हीं में सिमट कर रह गई है दीपावली? कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाने वाला दीपों का यह पर्व अब पूरी तरह से आधुनिकता का लिबास पहन चुका है.

 

हर्ष और उल्लास के इस पर्व ने वर्तमान समय में एक ही अलग रूप धारण कर लिया है. जहां एक तरफ दीपों का स्थान मोमबत्तियों और चाइनीज लाइटों ने लेकर इसके महत्व को कम करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी तरफ परम्परा के तौर पर खेले जाने वाला जुआ अब घरों के बिकने का कारण बन चुका है.

 

दीपावली के दिन लोग नए – नए कपड़े खरीदते हैं, सोने-चांदी के गहने खरीदते हैं, बर्तन खरीदते हैं और नई वस्तुओं के स्वागत के लिए अपने आस-पास की भी सफाई करते हैं लेकिन क्या एक दिन की सफाई से आ जाएगी सुन्दरता. मान लेते है कि इस सफाई से हमारे आस-पास का क्षेत्र चमक भी गया लेकिन उस गंदगी का क्या जो हमारे अन्दर बैठी है?

 

इसकी सफाई कौन करेगा और इससे बड़ा प्रश्न तो यह है कि कब करेगा? क्योंकि वास्तव में तो इसी गंदगी ने हर जगह को मैला कर रखा है. चाहें वह सामाजिक हों या आर्थिक हों या राजनीतिक. हर क्षेत्र की गंदगी तभी साफ होगी जब हम करेंगे अपने अन्दर की सफाई.

 

अंधकार पर प्रकाश का विजय और बुराई पर अच्छाई के जीत के रूप में मनाए जाने वाले इस पर्व पर मानों आज किसी की नज़र लग गई हो. आज-कल प्रकाश के इस पर्व पर होता है अंधकार का विजय.

 

समाज में ब्याप्त जुआ, शराब जैसी कुरीतियों ने अंधकार रूपी बुराई को इतना अधिक बलवान बना दिया है कि प्रकाश रूपी विजय इसके सामने अपने घुटनें टेक देता है. क्या इसी तरह होता रहेगा समाज का पतन?

 

दीपावली भारत में मनाया जाने वाला एक ऐसा त्यौहार है जिसका केवल धार्मिक ही नही बल्कि सामाजिक महत्व भी है. वैसे तो दीपावली को हिंदुओं का पर्व कहा जाता है लेकिन आज के दौर  में इसे भारत के हर धर्म के लोग मनाते हैं.

 

दीपावली मनाने के पीछे कई कारण हैं. पौराणिक कथा के अनुसार 14 वर्ष का बनवास काटकर भगवान राम इसी दिन अयोध्या लौटे थे. तो उनके आगमन की खुशी में अयोध्यावासियों ने पूरे नगर को दीपों से जगमग कर दिया था. तबसे लेकर हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दीपावली का त्यौहार मनाते हैं.

 

दीपावली के सामाजिक महत्व पर गौर किया जाए तो पता चलता है कि कार्तिक मास के अमावस्या से पहले ही किसान की फसल तैयार हो चुकी होती हैं और फसल काटने के बाद उनके पास आनंद एवं उल्लास का पूरा समय होता है. 

 

दीपावली का वैज्ञानिक महत्व भी है. वर्षा ऋतु के समय पूरा वातावरण कीट-पतंगों से भर जाता है. दीपावली के पहले साफ-सफाई करने से आस-पास का क्षेत्र साफ-सुथरा हो जाता है. घरों की पुताई करने से कई प्रकार के कीड़े-मकोड़े एवं मच्छर नष्ट हो जाते हैं तथा दीपावली के दिन दीपों की ज्वाला से बचे हुए कीट-पतंगें भी मर जाते हैं.

 

दीपावली का शाब्दिक अर्थ होता है-दीपों की पंक्ति. इस त्यौहार में लोग दीपों को पंक्तिबद्ध रूप में अपने घर के अंदर और बाहर सजाते हैं. इस तरह यह प्रकाश का त्यौहार है. यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है. इस दिन लोग लक्ष्मी जी, जिन्हे पौराणिक हिन्दु ग्रंथों के अनुसार धन, समृद्धि एवं ऐश्वर्य की देवी माना जाता है की पूजा करते हैं.

 

अमावस्या के अंधकार के बीच मनाए जाने के बावजूद भी दीपों से सजी माला से दुनिया इस तरह से जगमगाने लगती है कि मानो पूर्णिमा की रात हो. इस तरह यह त्यौहार हमें बताता है कि यदि हम सामूहिक प्रयास करें तो इस समाज से अंधकार रूपी बुराई को भी मिटाया जा सकता है.

 

आज जरूरत है कि हम समाज में ब्याप्त भ्रष्टाचार रूपी बुराई पर विजय प्राप्त करें नही तो भाई-चारा, प्रेम व हर्ष का संदेश देने वाला यह पर्व कहीं अंधकार रूपी बुराई के आगोश में न सम़ा जाए.

Bollywood News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: diwali
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Related Stories

लोगों को सामाज का मन समझने में समय लगता है : अक्षय कुमार
लोगों को सामाज का मन समझने में समय लगता है : अक्षय कुमार

मुंबई : सामाजिक संदेश देने वाली फिल्मों के लिए प्रसिद्ध अक्षय कुमार का मानना है कि लोगों को...

Box Office : जानें पहले दिन 'बरेली की बर्फी' ने की है कितनी कमाई?
Box Office : जानें पहले दिन 'बरेली की बर्फी' ने की है कितनी कमाई?

मुंबई : कृति सैनन, आयुष्मान खुराना और राजकुमार राव अभिनीत फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ ने...

'ए जेंटलमैन' के 'किस' सीन नहीं हटाए गए
'ए जेंटलमैन' के 'किस' सीन नहीं हटाए गए

मुंबई: आगामी फिल्म ‘ए जेंटलमैन’ की टीम ने उन अफवाहों का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि सेंसर...

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017