जिस घटना ने 75% लीवर डैमेज किया, जानें कैसे मौत के मुंह से निकले थे अमिताभ?

By: | Last Updated: Tuesday, 24 November 2015 5:52 AM

मुंबई : बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने सोमवार को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में बहुत बड़ा खुलासा किया. अमिताभ बच्चन ने कहा, ”मैं हैपिटाइटिस बी का मरीज हूं. मैं बीस साल से इस बीमारी से जूझ रहा हूं.”

 

जानें कैसे हैपिटाइटिस बी जैसी बीमारी की चपेट में आए और फिर कैसे मौत के मुंह से बाहर निकले थे सदी के महानायक अमिताभ बच्चन?

इस घटना की शुरुआत आज से तीन दशक पहले यानी 26 जुलाई, 1982 को उस वक्त हुई थी जब बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ‘कुली’ फिल्म की शूटिंग में व्यस्त थे. बैंगलोर से 16 किमी दूर मैसूर रोड पर यूनिवर्सिटी कैंपस में ‘कुली’ फिल्म की शूटिंग चल रही थी. एक एक्शन सीन था जिसमें पुनीत इस्सर और अमिताभ बच्चन को एक दूसरे को घूंसे लगाने थे. इस सीन में अमिताभ पुनीत को मारते हैं और पुनीत अमिताभ को.

 

इस सीन में एक जगह पर पुनीत को बिग बी का सिर एक बोर्ड पर पटकर उन्हें पेट में पंच मारना था. सीन से पहले रिहर्सल के दौरान तो सब ठीक था लेकिन टेक में कुछ ऐसा हुआ कि बोर्ड पर पटखनी खाकर अमिताभ उछल कर पुनीत की तरफ आ गए और पुनीत का पंच उनको छूने के बजाय ज़ोर से लग गया.

फिल्म के इस एक्शन सीन में अभिनेता पुनीत इस्सर को अमिताभ को मुक्का मारना था और उन्हें मेज से टकराकर जमीन पर गिरना था. लेकिन जैसे ही वे मेज की तरफ कूदे, मेज का कोना उनके आंतों में लग गया जिसकी वजह से उनका काफी खून बह गया और स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि ऐसा लगने लगा कि वे मौत के करीब हैं.

 

कुली फ़िल्म के वक्त हुए हादसे के बाद चूंकि बिग बी का काफी खून बह गया था इसलिए उन्हें खून चढ़ाने की नौबत आ गई हालांकि इस दौरान अमिताभ बच्चन को जो ब्लड दिया गया उस ब्लड में से कुछ हिस्सा हेपेटाइटिस बी अफेक्टेड था जिससे वह इस बीमारी की चपेट में आ गए और उनके लीवर का तीन चौथाई हिस्सा खराब हो गया. बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन को इस दौरान बेहद कठिन प्रयासों के बाद मौत के मुंह से बचा लिया गया लेकिन यह घटना आज भी उनके फैंस में सिहरन पैदा कर देती है.

 

आपको बता दें अमिताभ बच्चन सोमवार को हेपिटाइटिस बी की वैक्सीन को लेकर एक अवेयरनेस कैंपेन में शामिल हुए थे. इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ डॉक्टर भी मौजूद थे. यह कार्यक्रम भारत सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम इंद्रधनुष का हिस्सा था.

इस दौरान अमिताभ बच्चन ने कहा, “कुली फ़िल्म के वक्त हुए हादसे के बाद दिए गए ब्लड में से कुछ हिस्सा हेपेटाइटिस बी अफेक्टेड था, इस वजह से मेरे लिवर का एक चौथाई हिस्सा ही बच पाया.” उन्होंने आगे कहा कि, ” अब मैं पूरी तरह से ठीक हूं औऱ लोगों से गुजारिश करता हूं कि लोग अपने बच्चों को हेपिटाइटिस बी का टीका जरूर लगवाएं.”

Bollywood News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: I am surviving only on 25 per cent of my liver today: Amitabh Bachchan
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017