मिलिए: कानपुर के लोहा सिंह से, इनके नाम पर बनी है डाक्यूमेंट्री फिल्म कटियाबाज

By: | Last Updated: Saturday, 23 August 2014 3:58 AM
katiyabaaz loha singh

नई दिल्ली: फिल्मों की दुनिया में ऐसा कम ही होता है कि डाक्यूमेंट्री फिल्म बने और वो इतनी मनोरंजक हो कि उसे एक बड़ा निर्माता मिल जाए और फिर उसे बड़े सिनेमाघरों के जरिए आप तक पहुंचने का मौका भी मिले. लेकिन आज कुछ ऐसा ही हुआ जब बिजली की आंखमिचौली से सीधे आँख मिलाने वाली डाक्यूमेट्री फिल्म सिनेमाघरों में जा पहुंची है. कानपुर के लोहा सिंह आपसे मिलने को बेताब हैं और जो उससे मिल चुके हैं वो कहते हैं लोहा सिंह जैसा कोई नहीं.

 

छोटा सा कद, आवाज भी साफ नहीं है लेकिन बातें इतनी बड़ी-बड़ी. मजेदार लगे ना कानपुर के लोहा सिंह? लोहा सिंह का जिक्र इसलिए क्योंकि यूं तो अब तक लोहा सिंह एक आम आदमी थे लेकिन अब बेहद खास हो चुके हैं. और उनका खास हो जाना ही आज की सबसे बड़ी खबर है.

 

बड़े बड़े फिल्मी सितारों की तरह ये शुक्रवार लोहा सिंह को भी बड़े पर्दे का सितारा बना चुका है. ना अदाकारी से नाता था और ना फिल्मी दुनिया से, लेकिन फिल्मी दुनिया खुद चलकर लोहा सिंह के पास पहुंच गई. वजह बना इनका धंधा, क्योंकि लोहा सिंह हैं कानपुर के नंबर एक कटियाबाज और इसी नाम पर बनी है डाक्यूमेंट्री फिल्म कटियाबाज.

 

सिनेमाघरों का रुख करने वाली भारतीय डाक्यूमेंट्री का नाम यानी कटियाबाज की कहानी आपको दिलचस्प लगेगी. यह फिल्म 2013 में बनी. पहले बर्लिन फिल्म फेस्टिवल और फिर इसे दुनिया भर के 50 फिल्म समारोहों में दिखाया गया, सराहा गया और खेल खत्म. अब तक डाक्यूमेंट्री फिल्मों की किस्मत ऐसी ही रही है लेकिन अनुराग कश्यप और उनके साथी विक्रमादित्य मोटवानी के फैंटम प्रोडक्शन्स ने कटियाबाज को पूरी फिल्म बनने के बाद ना सिर्फ गोद ले लिया बल्कि उसे पर्दे तक पहुंचाने का पूरा इंतजाम भी किया.