मूवी रिव्यू: साल की सबसे खराब फिल्म है एक्शन-जैक्सन

By: | Last Updated: Friday, 5 December 2014 8:22 AM


रेटिंग:  डेढ़ स्टार

 

एक्शन जैक्सन को अगर इस साल की सबसे बुरी फिल्म कहा जाए तो शायद किसी को कोई ऐतराज़ या हैरत नहीं होनी चाहिए. इस मुक़ाबले में इसने हमशकल्स जैसी फिल्म को भी पीछे छोड़ दिया है. ऐसे वक़्त जब हरियाणा और देश भर में लड़कियों से छेड़छाड़ की घटनाओं पर हंगामा हो रहा है, मनोरंजन के नाम पर एक्शन जैक्सन में वो सब कुछ दिखाया गया जो शायद किसी ही लड़की को पसंद आए.

 

अगर पुरुष ऐसी कॉमेडी पर हंसते हैं तो ऐसी फिल्म बनाने वालों से ज़्यादा ज़िम्मेदार, इस फिल्म को देखने वाले हैं. अगर इसके बाद भी फिल्म के बारे में जानने में आपकी दिलचस्पी है तो कहानी भी सुन लीजिए-

 

ये कहानी है विशी (अजय देवगन) की, जो अपने इलाके का गुंडा है लेकिन हर बॉलीवुड हीरो की तरह दिल का अच्छा है. ये डांस कर-कर के एक्शन करता है, और एक्शन कर-कर के नाचता है. और फिल्म के नायक को ये दोनों काम करते देख दर्शकों को बुरी तरह सिरदर्द होता है.

 

फिर फिल्म की हीरोइन खुशी (सोनाक्षी) की एंट्री होती है और वो जो सोचती है कि उसकी ख़राब किस्मत बदल सकती है, अगर वो विशी को बिना कपड़ों के देख ले (जी हां ये मज़ाक नहीं है). ख़ैर, विशी के पीछे बैंकॉक का एक डॉन ज़ेवियर भी पड़ा हुआ है.

 

इसके पीछे ये राज़ है कि विशी की शक्ल एक इंटरनैशनल किलर ए.जे (अजय देवगन) से मिलती है. ए.जे की दीवानी है मानस्वी. एजे मज़ाक में, प्यार में उसको ठोकर तक मारता है लेकिन वो उसके पीछे पागल है.

 

फिर दोनों हमशक्ल विशी और एजे टकराते हैं और फिर बेहिसाब मारधाड़ के बाद किसी तरह शोर-शराबे से भरी ये फिल्म खत्म होती है. कॉमेडी के नाम पर सिर्फ कुणाल रॉय कपूर को थप्पड़ पड़ते रहते हैं.

 

फिल्म के प्रोमो में अजय देवगन को तलवार चलाते देख कर लगा था कि कुछ अच्छा हो या ना हो किल-बिल (हॉलीवुड फिल्म) की तरह कम-से-कम एक्शन सीन तो अच्छे होंगे. मगर ये सीन भी बेहद साधारण है.

 

सोनाक्षी सिन्हा बार-बार एक ही तरह के रोल कर रही हैं. इस फिल्म में उन्हें देख कर ऐसा लगता है जैसे वो अपनी पिछली अति-बकवास फिल्म आर. राजकुमार के किरदार में ही हैं. लेकिन ससबे बड़ा सवाल है कि अजय देवगन ऐसी फिल्में क्यों कर रहे हैं?

 

एक अभिनेता के तौर पर वो बेहतर काम कर चुके हैं, राष्ट्रीय अवॉर्ड भी जीत चुके हैं. फिर ऐसी निम्न दर्जे की फिल्में करने की वजह क्या है?   

 

सोनाक्षी, मानस्वी मम्गैं और यामी गौतम के रोल देखकर आपको यही लगेगा कि हमारे समाज की तरह, सौ साल पुराने हमारे मेनस्ट्रीम सिनेमा में महिलाओं के लिए बस ऐसे ही किरदार रह गए है? लेकिन जिस थिएटर में मैंने ये फिल्म देखी उसमें इस घटिया कॉमेडी पर हंसने वाले भी बहुत लोग थे.

 

शायद एंटरटेनमेंट के इसी बाज़ार का हवाला देकर ये फिल्में बन रही हैं और सौ करोड़ कमा रही हैं. निर्देशक प्रभु देवा ने इस बार बेहद निराश किया है. आर. राजकुमार के बाद ये उनकी दूसरी फिल्म है जिसे पूरा देखना मुश्किल काम है.

 

ये फिल्म कुछ ऐसी है जिसके सामने रोहित शेट्टी का सिनेमा भी महान लगता है.

 

(Follow Yasser Usman  on Twitter @yasser_aks, You can also send him your feedback at yasseru@abpnews.in)

Bollywood News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Movie Review: action jackson
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: action jackson Movie Review
First Published:

Related Stories

किराया नहीं चुकाया तो मालिक ने रजनीकांत की Wife के स्कूल पर जड़ दिया ताला
किराया नहीं चुकाया तो मालिक ने रजनीकांत की Wife के स्कूल पर जड़ दिया ताला

स्कूल अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने इमारत मालिक के खिलाफ ‘‘ स्कूल की प्रतिष्ठा को ठेस...

Video: 'बरेली की बर्फी' के सितारों से एबीपी न्यूज़ की खास बातचीत, देखें
Video: 'बरेली की बर्फी' के सितारों से एबीपी न्यूज़ की खास बातचीत, देखें

इस हफ्ते सिनेमाघरों में फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ रिलीज होने वाली है. इस फिल्म के सितारों...

'बाबुमोशाय बंदूकबाज' में सेंसर बोर्ड ने लगाए थे 48 कट, अब सिर्फ 8 कट्स के साथ मिली रिलीज की मंजूरी
'बाबुमोशाय बंदूकबाज' में सेंसर बोर्ड ने लगाए थे 48 कट, अब सिर्फ 8 कट्स के साथ...

'बाबूमोशाय बंदूकबाज' को फिल्म एफसीएटी ने सिर्फ आठ 'मामूली एवं खुद स्वीकार किए गए' कट के साथ फिल्म...

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017