आपका वीकेंड खराब कर सकती है फिल्म 'हीरो', जानें क्यों ना देखें

By: | Last Updated: Saturday, 12 September 2015 7:08 AM

नई दिल्ली:  अगर आप इस फिल्म को देखने की सोच रहे हैं तो आपका वीकेंड खऱाब हो सकता है. इस फिल्म को आप सिर्फ अपने रिस्क पर देख सकते हैं. चुंकि यह फिल्म सलमान खान प्रॉडक्शन के बैनर तले बनी है और बॉलीवुड के दबंग खान ने सोशल मीडिया से लेकर हर जगह जमकर इस फिल्म का प्रचार किया है तो लोगों में थोड़ी उत्सुकता तो बनना लाजमी था. लेकिन 1983 में बनी ‘हीरो’ की जो दुर्गति निखिल आडवाणी ने किया है उसे बयां नहीं किया जा सकता.

 

अब आपको यहां बताते हैं कि आप इस फिल्म को क्यों ना देखें-

 

1. अच्छी फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा उसकी स्क्रिप्ट और डॉयलॉग होता है. डायरेक्टर निखिल आडवाणी ने इस फिल्म का स्क्रिप्ट लिखने में करीब डेढ़ साल का समय लगाया था और उसके बाद सुभाष घई से परमिशन ली थी. लेकिन इस फिल्म का एक भी  डॉयलॉग ऐसा नहीं है जो आपके दिल को छू जाए. सारे डॉयलॉग घिसे-पिटे हैं. फिल्म के कुछ डॉयलॉग जैसे ‘एक गुंडा एक आईजी के बेटी से कैसे प्यार कर सकता है?, ‘मैं यहां सरप्राइज नहीं शॉक देने आया हूं.’ ऐसे लाइने सुनकर आप सिर पकड़ लेंगे. 

 

2. सूरज पंचोली और आतिया शेट्टी इस फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं और इसी फिल्म से अभिनय की दुनिया में डेब्यू कर रहे हैं. ऐसा लगता है कि यह फिल्म सिर्फ सूरज की बॉडी और मसल्स दिखाने के लिए बनाई गई है. फिल्म में कई एक्शन सीन्स हैं जिसमें वे गुंडों को मारते दिखते हैं. स्लो मोशन एक्शन में भी उनकी बॉडी ही दिखती है. जब स्क्रिप्ट ही ढ़ीली-ढाली हो तो डेब्यू करने वाले एक्टर्स से कोई एक्टिंग की उम्मीद क्या करेगा. आतिया शेट्टी ने ठीक-ठाक काम किया है.

 

इनके लिए यह फिल्म इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि इनकी तुलना आलिया भट्ट, सिद्धार्थ मल्होत्रा और वरूण धवन से हो रही थी जिन्होंने ‘स्टुडेंट ऑफ द ईयर’ से डेब्यू किया था. ‘स्टुडेंट ऑफ द ईयर’ को क्रिटिक्स ने औसत बताया था और फिल्म हिट रही थी. ये तीनों एक्टर्स आज बॉलीवुड में पहचान बना चुके हैं और कई सुपरहिट फिल्म भी दे चुके हैं. लेकिन आतिया और सूरज तो इसी मामले में पीछे रह गए कि इन्हें ना तो ढंग की स्क्रिप्ट मिली और ना ही ऐसा विषय जिसे लोग देखना पसंद करें.

इस फिल्म में सूरज पंचोली के रीयल पापा आदित्य पंचोली हैं जिनका लुक तो फिल्म में बेहतरीन है लेकिन अगर वे एक्टिंग भी उतना बेहतर कर पाते तो मजा आ जाता. तिग्माशु धुलिया के पास जितना करने को था उन्होंने काफी हद तक चरितार्थ कर दिया है. शरद केलकर और टीवी एक्ट्रेस  अनीता हसनंदानी ने अच्छा अभिनय किया है. यहां पढ़ें मूवी रिव्यू: ‘हीरो’

 

3. 1983 में बनी फिल्म ‘हीरो’ के गाने लोगों की जुबान पर अबतक हैं. उस फिल्म गाने सुपरहिट थे और आगे भी रहेंगे. लोग आज भी उन्हें गुनगुनाना पसंद करते हैं. लेकिन इस ‘हीरो’ का एक भी गाना ऐसा नहीं है जो फिल्म देखने के बाद आपको याद रह जाए. या फिर सिनेमाहॉल से बाहर आकर आप किसी से यह कह सकें कि एक गाना बहुत ही खूबसूरत था. सलमान खान की आवाज में फिल्म के टाइटल  ट्रेक ने खूब सुर्खियां बटोरी थी लेकिन इस गाने का इस्तेमाल भी सही  से नहीं किया गया है. फिल्म खत्म होने के बाद यह गाना दिखाया जाता है. तो यहां भी हम यह नहीं कह सकते कि आप सलमान खान के लिए यह फिल्म देख लीजिए.

 

4.  इस ‘हीरो’ में वो बात बिल्कुल भी नहीं है जिसके दम पर कभी जैकी श्राफ और मिनाक्षी शेषाद्री रातों रात स्टार बन गये थे. जिन लोगों 1983 की ‘हीरो’ देखी है या फिर यह फिल्म उनकी फेवरिट है तो वे बुरा भी मान सकते हैं क्योंकि इसमें पिछली फिल्म जैसा कुछ भी नजर नहीं आएगा.  जिस तरह सलमान खान इस फिल्म के प्रमोशन में जी जान से लगे थे उससे तो यही लगा था कि यह पिछली फिल्म को मात दे देगी. ऐसा लगना लाजमी था क्योंकि सलमान खान की फिल्में भले ही बेकार होती हैं लेकिन सिनेमाहॉल में बैठा दर्शक बोर नहीं होता. कम से कम इंटरटेनमेंट तो होता ही है. लेकिन इस ‘हीरो’ में ना तो इंटरटेनमेंट है ना ही कोई मसाला, ना ही म्यूजिक और ना ही डॉयलॉग.

 

5. फिल्म में सलमान खान ने बहुत सारी एडिटिंग कराई है. लेकिन बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान लोगों की नब्ज को क्यों नहीं पकड़ पाए यह सोचकर हैरानी होती है. वो सुपरस्टार जिसकी फिल्म भले ही खराब हो (दबंग सीरीज) लेकिन हिट हो जाती है क्योंकि उसे पता है कि लोगों को कैसे फिल्म की तरफ आकर्षित करना है चाहें डॉयलॉग की बात हो या आइटम नंबर की या फिर स्क्रिप्ट की. लेकिन बहुत कुछ करते हुए भी इस फिल्म में सलमान खान कुछ खास नहीं कर पाए हैं. हां इतना जरूर है कि रिलीज के बाद भी सलमान ने प्रमोशन में कोई कसर नहीं छोड़ रहे. सलमान ने तो यह भी कह दिया है कि वे ‘हीरो’ के टिकट पर अपना ऑटोग्राफ देंगे. कुल मिलाकर इसे सलमान खान अपने स्टारडम के दम पर हिट करना चाहते हैं लेकिन अब समय बदल  गया है. दर्शक मांझी, मसान, क्वीन और पीकू जैसी फिल्में पसंद करने लगें हैं जिसमें स्टार फैक्टर नहीं बल्कि अच्छी कहानी और दमदार अभिनय है.

 

अगर आप इस वीकेंड पर कुछ देखना चाहते हैं तो ‘वेलकम बैक’ आपके लिए अच्छा ऑप्शऩ है. ‘वेलकम’ का सीक्वल ‘वेलकम बैक’ काफ़ी हद तक पिछली फिल्म की कहानी और कॉमेडी फॉर्मूलों को दोहराती हुई नज़र आती है. लेकिन अगर आपको ‘नो एंट्री’, ‘सिंह इज़ किंग’ जैसी अनीस बज़्मी ब्रांड की कॉमेडी पसंद करते हैं, तो ‘वेलकम बैक’ आपको निराश नहीं करेगी. फिल्म के कई सीन आपको हंसाएंगे.

 

वीडियो मूवी रिव्यू: ‘हीरो’ 

 

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Web Title: Movie Review: ‘Hero’ may spoil your weekend, Please don’t watch
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