राजेश खन्ना: फिर तेरी कहानी याद आई...

By: | Last Updated: Friday, 18 July 2014 5:22 AM
rajesh khanna_first super star_death aniversary_kaka

नई दिल्ली: बॉलीवुड में सुपरस्टार का दर्जा सबसे पहले पाने वाले राजेश खन्ना का नाम जब भी लिया जाएगा तब एक ऐसे शख्स की छवि उभरेगी, जिसने जिंदगी को अपनी शर्तो पर जिया. आज 18 जुलाई को राजेश खन्ना की दूसरी पुण्यतिथी है. दो साल पहले आज ही के दिन बॉलीवुड का यह पहला सुपर स्टार हम सब को हमेशा के लिए छोड़ कर कभी ना खत्म होने वाले सफर पर चला गया.

 

29 दिसंबर, 1942 को पंजाब के अमृतसर में जन्मे जतिन खन्ना बाद में फिल्मी दुनिया में राजेश खन्ना के नाम से मशहूर हुए. राजेश खन्ना का लालन-पालन चुन्नीलाल और लीलावती ने किया. उनके असली माता-पिता लाला हीराचंद और चांदरानी खन्ना थे. उनका अभिनय करियर शुरुआती नाकामियों के बाद इतनी तेजी से परवान चढ़ा कि फिर इस सुपर स्टार ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा.

 

काका यानी राजेश खन्ना बॉलीवुड के ऐसे स्टार थे जिनके बारे में कहा जाता था कि देव आनंद के बाद अगर किसी ने फिल्म के सफल होने की ‘गारंटी’ दी तो वह थे सबके चहेते ‘काका’ यानी राजेश खन्ना थे.

 

स्कूली दिनों से ही अभिनय की शुरुआत

राजेश खन्ना ने धीरे-धीरे रंगमंच में दिलचस्पी लेनी शुरू की और स्कूल में बहुत से नाटकों में भाग लिया. उन्होंने 1962 में ‘अंधा युग’ नाटक में एक घायल, गूंगे सैनिक की भूमिका निभाई और अपने बेजोड़ अभिनय से मुख्य अतिथि को प्रभावित किया. रूमानी अंदाज और स्वाभाविक अभिनय के धनी राजेश खन्ना ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1966 में फिल्म ‘आखिरी खत’ से की.

 

लगातार 15 हिट फिल्में देने का रिकॉर्ड

वर्ष 1969 में आई फिल्म ‘आराधना’ ने उनके करियर को उड़ान दी और देखते ही देखते वह युवा दिलों की धड़कन बन गए. इसके बाद उन्होंने अगले चार साल के दौरान लगातार 15 सफल फिल्में देकर एक रिकॉर्ड स्थापित किया. काका की लोकप्रियता का आलम ये था जब एक बार वे ऑपरेशन करवाने के लिए अस्पताल में भर्ती हुए तो कई प्रोड्यूसर्स ने उन्हें अपनी फिल्म की कहानी सुनाने के लिए अस्पताल में उनके आस पास के बेड बुक करवा लिए थे.

 

 

‘लोग मेरे बारे में नहीं काका के बारे में पूछते थे’- अमिताभ बच्चन

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन  राजेश खन्ना के बहुत बड़े फैन हैं. एक इंटरव्यू में अमिताभ से जब राजेश खन्ना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब में आनंद फिल्म की शूटिंग करके बाहर आता था लोग मेरे बारे नहीं काका के बारे में पूछते थे.

 

सम्मान और पुरुस्कार

वर्ष 1970 में बनी फिल्म ‘सच्चा झूठा’ के लिए उन्हें पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर अवार्ड मिला.

 

फिल्मों में सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिये तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार मिला और 14 बार नॉमिनेट किया गया. बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने उन्हें हिन्दी फिल्मों के सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी अधिकतम चार बार राजेश खन्ना को ही दिया.इसके लिए वे 25 बार नॉमिनेट हुए.

 

 ‘काका’ को 2005 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया.  राजेश खन्ना को दस बार All India Critics पुरस्कार के लिये नॉमिनेट किया गया और उन्हें सात बार ये  अवार्ड मिला. भारत सरकार ने काका को मरणोपरांत पद्मभूषण से सम्मानित किया.

 

180 से ज्यादा फिल्मों में काम किया

राजेश खन्ना की सफलता ने उनके लिए फिल्मों की जड़ी लगा दी. वे एक बाद एक सुपरहिट फिल्में देते गए. वर्ष 1971 खन्ना के करियर का सबसे यादगार साल रहा. इस वर्ष उन्होंने ‘कटी पतंग’, ‘आनंद’, ‘आन मिलो सजना’, ‘महबूब की मेहंदी’, ‘हाथी मेरे साथी’ और ‘अंदाज’ जैसी अति सफल फिल्में दीं. उन्होंने ‘दो रास्ते’, ‘दुश्मन’, ‘बावर्ची’, ‘मेरे जीवन साथी’, ‘जोरू का गुलाम’, ‘अनुराग’, ‘दाग’, ‘नमक हराम’ और ‘हमशक्ल’ सरीखी हिट फिल्मों के जरिए बॉक्स ऑफिस को कई वर्षो तक गुलजार रखा.

 

इमोशनल एक्टिंग के किंग

फिल्म में इमोशनल सीन्स में उनके अभिनय की बराबरी आज तक कोई भी अभिनेता नहीं कर पाया. उन्के सटीक अभिनय को आज भी याद किया जाता है. फिल्म ‘आनंद’ में उनके सशक्त अभिनय को आज भी उदाहरण माना जाता है.

 

 

लंबी बीमारी के बाद 18 जुलाई, 2012 को दुनिया को अलविदा कहने वाले इस सितारे को 30 अप्रैल, 2013 को आधिकारिक तौर पर ‘द फर्स्ट सुपरस्टार ऑफ इंडियन सिनेमा’ की उपाधि प्रदान की गई.

Bollywood News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: rajesh khanna_first super star_death aniversary_kaka
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017