रिलीज से पहले सोशल साइट्स पर हो रहा है शाहरुख़ की 'दिलवाले' का विरोध !

By: | Last Updated: Sunday, 29 November 2015 2:56 PM
why people are opposing srk’s Dilwale

नई दिल्ली: निर्देशक रोहित शेट्टी और शाहरुख-काजोल अभिनीत फिल्म ‘दिलवाले’ पर फैंस के बीच सोशल साइट्स पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. आपको बता दें कि सोशल मैसजिंग साइट व्हाट्सएप्प पर फिल्म का आज कल जमकर विरोध हो रहा है. व्हाट्सएप्प पर लोगों से अपील की जा रही है कि वे इस फिल्म को न देखें.

दरअसल पूरा मामला यह है कि हाल ही में अपने जन्मदिन पर एक कार्यक्रम में ‘असहिष्णुता’ पर शाहरुख के दिए बयान को लेकर ये विरोध चल रहा है.

 

क्या कहा था शाहरूख ने-

 

शाहरूख ने कहा था, ‘हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बारे में बात कर सकते हैं. लेकिन लोग मेरे घर के बाहर आते हैं और पत्थर फेंकते हैं…अगर मैं रूख अख्तियार करता हूं तो इसके साथ खड़ा रहूंगा.’

शाहरूख ने कहा था कि कभी किसी को उनकी देशभक्ति को लेकर सवाल नहीं करना चाहिए.

 

उन्होंने कहा था, ‘हम कभी महाशक्ति नहीं होंगे अगर हमने यह नहीं माना कि सभी धर्म समान हैं.’

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शाहरूख ने विरोध में अभिनेताओं के शामिल नहीं होने को लेकर हो रही आलोचना का भी जवाब दिया था. उन्होंने इस बात पर जो दिया था कि एक स्टार होने के तौर पर उनको हर नैतिक मुद्दे पर रूख अख्तियार करना मुश्किल है.

 

‘बढ़ती असहिष्णुता’ और फिल्मकारों, वैज्ञानिकों एवं लेखकों द्वारा पुरस्कार लौटाए जाने पर अपनी भावनाओं को प्रकट करते हुए शाहरूख ने कहा था कि वह ‘प्रतीकात्मक रूख’ के तौर पर अपना पुरस्कार लौटाने में नहीं हिचकेंगे लेकिन उनको महसूस होता है कि उन्हें ऐसा नहीं करना है. शाहरूख में पास पद्मश्री सहित कई सम्मान हैं.

 

उन्होंने  कहा था, ‘असहिष्णुता है, घोर असहिष्णुता है. मुझे लगता है कि असहिष्णुता बढ़ रही है.’

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सुपरस्टार ने कहा, ‘असहिष्णु होना मूखर्ता है और यह सिर्फ हमारा एक मुद्दा नहीं बल्कि सबसे बड़ा मुद्दा है. देश में धार्मिक असहिष्णुता और धर्मनिरपेक्ष नहीं होना सबसे जघन्य तरह का अपराध है जो आप एक देशभक्त के रूप में कर सकते हैं.’

 

यह पूछे जाने पर वह अपना पद्मश्री पुरस्कार लौटाएंगे, तो शाहरूख ने कहा, ‘हां अगर मैं ऐसा करता हूं तो मेरा मतलब प्रतीकात्मक रूख के तौर पर होगा.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों ने सम्मान लौटाएं हैं मैं उनका सम्मान करता हूं, लेकिन मैं नहीं ऐसा करूंगा.’

 

अपने विचार को विस्तृत रूप से रखते हुए शाहरूख ने कहा था, ‘लोग सोचने से पहले ही बोल देते हैं और यह धर्मनिरपेक्ष देश है. पिछले 10 सालों यह देश शायद हमारी सोच के दायरे आगे निकल रहा है.’

 

उनके इस बयान के विरोध में लोग व्हाट्सएप्प पर मैसेज के द्वारा शाहरुख के इस बयान कि निंदा करने के लिए उनका विरोध कर रहे हैं और कह रहे हैं कि लोगों ‘दिलवाले’ की जगह ‘बाजीराव मस्तानी’ देखनी चाहिए.

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हालांकि शाहरुख या फिल्म के निर्देशक रोहित शेट्टी या फिल्म से जुड़े किसी अन्य व्यक्ति की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है. ‘दिलवाले’ 18 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. फिल्म में शाहरुख और काजोल के अलावा वरुण धवन, कृति सेनन, बोमन ईरानी, कबीर बेदी, संजय मिश्रा, ज़नी लीवर, और मुकेश तिवारी भी हैं.

 

अब देखना यह होगा कि क्या शाहरुख के इस बयान का फिल्म की कमाई पर कुछ असर पड़ता है या नहीं.

 

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