अंतरिम बजट: चावल को सेवा कर से छूट

By: | Last Updated: Monday, 17 February 2014 8:33 AM
अंतरिम बजट: चावल को सेवा कर से छूट

नई दिल्ली/चेन्नई: केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सोमवार को लोकसभा में अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि चावल के लदान, उसे उतारने और उसके भंडारण को सेवा कर से मुक्त कर दिया गया है. दक्षिण और पूर्वी भारत में चावल मुख्य खाद्यान्न है. पहले एक कृषि उत्पाद के रूप में इस पर सेवा कर नहीं लगता था. बाद में वित्त मंत्रालय ने कहा था कि सिर्फ धान ही कृषि उत्पाद है, लेकिन उससे भूसी निकाल लिए जाने या प्रसंस्कृत किए जाने के बाद उत्पादित होने वाला चावल कृषि उत्पाद नहीं है.

 

तमिलनाडु में एआईएडीएमके, डीएमके और अन्य राजनीतिक पार्टियों के दबाव के बीच वित्त मंत्री ने यह फैसला किया है.

 

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने हाल में एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मांग की थी कि चावल को पूरी तरह कृषि उत्पाद घोषित किया जाए और इससे संबंधित किसी भी गतिविधि पर सेवा कर नहीं लगाया जाए.

 

पत्र में लिखा गया था, “वित्त मंत्रालय ने बिना विचारे, असंवेदनशील और मनमाने तरीके से सभी खाद्यान्नों में अकेले चावल के भंडारण पर सेवा कर लगा दिया है.”

 

जयललिता ने कहा था, “यह एक और उदाहरण है, जिससे पता चलता है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार आम आदमी से कितना दूर जा चुकी है.”

 

जयललिता ने साथ ही कहा कि एक जुलाई, 2012 से लागू सेवा कर के रूप में वसूली जा चुकी राशि को भी उन्हें वापस किया जाना चाहिए, जिनसे वसूली गई है.

 

डीएमके अध्यक्ष एम. करुणानिधि ने भी इस मुद्दे को उठाया था.

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Web Title: अंतरिम बजट: चावल को सेवा कर से छूट
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