कच्चे तेल की आपूर्ति और तेल ब्लॉक में भारत की हिस्सेदारी चाहता है रूस

कच्चे तेल की आपूर्ति और तेल ब्लॉक में भारत की हिस्सेदारी चाहता है रूस

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

नई दिल्ली: एक तरफ जहां अमेरिका और यूरोपीय देश क्रीमिया के मुद्दे पर रूस को घेरने में लगे हैं वहीं दूसरी तरफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विश्वासपात्र आईगोर सेचिन ने शीर्ष भारतीय अधिकारियों के समक्ष अपने भंडार से कच्चे तेल की आपूर्ति करने और तेल एवं गेस क्षेत्रों में हिस्सेदारी देने की पेशकश की है.

 

रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनी रोसनेफ्ट के प्रमुख सेचिन ने करीब दो दर्ज अधिकारियों के साथ पेट्रोलियम सचिव सौरभ चंद्रा से मुलाकात की और भारत के साथ संबंधों के विस्तार की इच्छा जताई है.

 

सेचिन ने मुलाकात के बाद प्रेट्र से कहा, ‘‘रूस के लिये भारत काफी महत्वपूर्ण देश है. हमारी ओएनजीसी के साथ सक्षम परियोजना चल रही है अब हम सहयोग बढ़ाना चाहते हैं.’’ रूस की सरकारी कंपनी ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) को बारेंट्स समुद्री क्षेत्र में नौ और काला सागर क्षेत्र में एक तेल एवं गैस ब्लॉक में हिस्सेदारी की पेशकश की है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘हम भारतीय रिफाइनरियों को कच्चे तेल की आपूर्ति करने की संभावनायें भी तलाश रहे हैं.’’ रोसनेफ्ट 20 करोड़ टन कच्चे तेल का सालाना उत्पादन करती है.

 

दरअसल, मास्को अमेरिका और यूरोप की उसे अलग थलग करने की कोशिशों को देखते हुये अब भारत के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है. पिछले सप्ताह सेचिन जापान के साथ संबंधों को बढ़ाने के लिये जापान गये थे.

 

क्रीमिया को यूक्रेन से अलग करने और उसे अपने साथ मिला लेने की वजह से अमेरिका और यूरोपीय देश रूस से नाराज हैं और उन्होंने रूस को अलग थलग करने के लिये कुछ प्रतिबंध लगाये हैं.

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