कैसे हो गरीबी का आकलन!

कैसे हो गरीबी का आकलन!

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र की विशेषीकृत एजेंसी कृषि विकास पर अंतरराष्ट्रीय कोष (आईएफएडी) एक आसान व इनोवेटिव ‘तरीका’ लेकर आ रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी का आकलन करने में मदद मिलेगी.

 

एजेंसी की विज्ञप्ति में कहा गया है कि बहुआयामी गरीबी आकलन औजार (एमपीएटी) एक सामूहिक व अंतरराष्ट्रीय पहल का नतीजा है, जिसकी शुरआत आईएफएडी की अगुवाई में 2008 में की गई थी. आईएफएडी इसको आज रोम में पेश करेगा. इसके जरिये ग्रामीण गरीबी पर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी.

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