चालू खाते के घाटे में कमी से भारत वैश्विक झटकों से बचेगा : मूडीज

चालू खाते के घाटे में कमी से भारत वैश्विक झटकों से बचेगा : मूडीज

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM
नई दिल्ली: चालू खाते के घाटे में कमी से वैश्विक वित्तीय बाजारों के उतार-चढ़ाव का भारतीय बाजारों पर असर कम होगा. हालांकि, उंची मुद्रास्फीति का अभी भी जोखिम बना हुआ है. यह बात रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कही.

 

मूडीज ने भारत को स्थिर दृष्टिकोण के साथ बीएए3 की रेटिंग दी है.मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने एक रपट में कहा ‘‘चालू खाते के घाटे में कमी से वैश्विक वित्तीय बाजार में उतार-चढ़ाव के मद्देनजर भारत पर असर कम होगा.’’ फरवरी माह में थोकमूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति नौ महीने के न्यूनतम स्तर 4.68 प्रतिशत पर आ गई, जबकि खुदरा मुद्रास्फीति 25 महीने के न्यूनतम स्तर 8.1 प्रतिशत पर आ गई है.

 

निर्यात में बढ़ोतरी और सोना आयात में कमी के कारण चालू खाते का घाटा वित्त वर्ष 2013-14 की दिसंबर तिमाही के दौरान 4.2 अरब डालर या सकल घरेलू उत्पाद के 0.9 प्रतिशत के बराबर रह गया.

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