चुनाव के बाद अल-नीनो की बुरी खबर: मानसून कमजोर रहने के आसार

चुनाव के बाद अल-नीनो की बुरी खबर: मानसून कमजोर रहने के आसार

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM
पुणे: मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि इस बार अल-नीनो पैटर्न के सक्रिय होने का खतरा दिख रहा है, जिसके चलते इस बार भारत में मानसून कमजोर रहेगा.

 

ये चेतावनी पुणे के रीजनल क्लाइमेट सेंटर ने तैयार की है, जो आईएमडी के तहत काम करता है. ऑस्ट्रेलिया, चीन, कोरिया और अमेरिका के मौसम वैज्ञानिक पहले ही अल नीन्यो की वॉर्निंग दे चुके हैं.

 

हालांकि आईएमडी ने इन भविष्यवाणियों को खारिज कर दिया था और कहा था कि यह सब भारतीय कमोडिटीज मार्केट को अस्थिर करने के इरादे से किया जा रहा है.

 

2009 में जब अल नीन्यो ने मानसून को प्रभावित किया था, तो भारत में फूड इनफ्लेशन अचानक बढ़ गई थी. उस पर काबू पाने के लिए आरबीआई को ब्याज दरें ऊंची करनी पड़ी थीं. ताजा अनुमान में कहा गया है कि अल नीन्यो पैटर्न इस साल के मध्य में डिवेलप हो सकता है, जब जून-सितंबर का मानसून सीजन होता है.

 

इसमें कहा गया कि अप्रैल से जून के बीच भारत के अधिकांश हिस्सों, अफगानिस्तान, उत्तरी पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश में सामान्य से ज्यादा नमी वाले हालात रहेंगे. हालांकि मई से जुलाई तक उत्तरी पाकिस्तान से सटे भारत के एकदम उत्तरी इलाकों को छोड़कर साउथ एशिया के अधिकांश भागों में सामान्य से ज्यादा शुष्क हालात दिखेंगे.

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