जानें क्यों एटीएम सेवा मुफ्त होनी चाहिए?

By: | Last Updated: Thursday, 23 January 2014 12:46 PM

मुंबई: वित्त मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने एटीएम सेवाओं को मुफ्त रखे जाने का पक्ष लिया. अधिकारी ने कहा कि अगर इन पर शुल्क लगाया जाता है तो बैंक काउंटरों पर ग्राहकों की भीड़ लगेगी जो एटीएम चलाने से भी अधिक महंगा पड़ेगा.

 

वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवाओं के सचिव राजीव टकरू ने कहा कि किसी भी बैंक ने एटीएम शुल्क बढ़ाने की मंजूरी मांगने के संबंध में अभी तक सरकार से संपर्क नहीं किया है और इस संबंध में अंतिम निर्णय रिजर्व बैंक द्वारा किया जाएगा.

 

यहां बैंकिंग प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद टकरू ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘जहां तक मेरा संबंध है, मैं चाहूंगा कि एटीएम सेवाएं मुफ्त रहें. यदि बैंक एटीएम सेवाएं महंगी करते हैं तो संभव है कि ग्राहक बैंक काउंटर जाएंगे जो एटीएम सेवा से अधिक महंगा होगा.’’

 

उन्होंने कुछ राज्य सरकारों के आदेशों पर पुनर्विचार का भी आह्वान किया. कुछ राज्य सरकारों ने बैंकों को एटीएम पर चौबीसों घंटे सुरक्षा मुहैया कराने को कहा है.

 

उल्लेखनीय है कि पिछले साल नवंबर में बेंगलूर में एक एटीएम पर कारपोरेशन बैंक के एक कर्मचारी पर हमले की घटना के बाद कई राज्यों ने बैंकों को सभी एटीएम पर चौबीसों घंटे सुरक्षा मुहैया कराने को कहा.

 

बैंकों के शीर्ष संगठन आईबीए ने पिछले महीने इस संबंध में गणना की और कहा कि इससे प्रति एटीएम प्रति माह 40,000 रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा जिससे बैंकों को नुकसान होगा.

 

आईबीए ने रिजर्व बैंक से सभी एटीएम पर मुफ्त लेनदेन की संख्या प्रति माह पांच लेनदेन पर सीमित करने को कहा है. वर्तमान में, व्यक्ति जिस बैंक का ग्राहक है, उसके एटीएम से असीमित मुफ्त लेनदेन कर सकता है, जबकि दूसरे बैंक के एटीएम का मुफ्त उपयोग वह प्रति माह केवल पांच बार ही कर सकता है.

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Web Title: जानें क्यों एटीएम सेवा मुफ्त होनी चाहिए?
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