पोलियो मुक्त भारत: जानें कैसे 35 साल में जीती गई ये जंग?

By: | Last Updated: Friday, 21 February 2014 7:15 AM

नई दिल्ली: हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को पोलियो मुक्त देश का दर्जा दिया है. W.H.O. (डब्ल्यूएचओ) उन देशों को ये सर्टिफिकेट देता है जहां लगातार तीन सालों तक कोई नया मामला सामने नहीं आता है.

 

भारत में पोलियो का आखिरी मामला 16 जनवरी, 2011 को पश्चिम बंगाल में सामने आया था. उसके बाद लगातार तीन साल तक कोई केस सामने नहीं आया. आखिरकार 11 फरवरी, 2014 को भारत को पोलियो मुक्त देश घोषित कर दिया. भारत में पोलियो से जंग आसान नहीं रही.

 

कैसे जीती गई जंग?

 

पोलियो को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पल्स पोलियो अभियान चलाया गया, जिसमें 20 लाख से ज्यादा कायकर्ताओं का अमूल्य योगदान रहा है, जिन्होंने घर-घर जाकर पांच साल तक के बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाई और भारत के आने वाले कल को स्वस्थ बनाने में मदद की.

 

हालांकि अधिकांश हेल्थ एक्सपर्ट ये मानते हैं कि भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में स्वास्थ्य सेवाओं की हालात बदतर है, जिसकी वजह से भारत में पोलियो का संक्रमण फैलने का खतरा सबसे ज्यादा रहेगा. भारत को पोलियो मुक्त देश का दर्जा देते हुए W.H.O.  के डायरेक्टर जनरल मार्ग्रेट चैन ने कहा था कि, ‘’भारत ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि कुछ भी हासिल करना असंभव नहीं है.’’

 

आइए आपको इस पोलियो अभियान से जुड़े पांच अहम मुद्दों के बारे में बताते हैं-

 

  • भारत में सबसे ज्यादा पोलियो के मामले हुए

W.H.O. के मुताबिक 1980 के दशक तक देश में पोलियो के 40 हजार मामले सामने आए थे. वहीं 2002 में अकेले उत्तर प्रदेश में दुनिया भर के दो तिहाई मामले सामने आए. अमेरिका ने जहां 1991 में पोलियो को अपने देश से दूर भगाया वहीं यूरोप 1998 तक पोलियो मुक्त हो गया. 2011 में दुनिया भर में पोलियो के कुल 44 मामले सामने आए थे, जिनमें से ज्यादातर मामले पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में पाए गए थे, लेकिन भारत में एक भी मामला सामने नहीं आया.

 

  • पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप की सबसे बड़ा उदाहरणः

35 सालों तक पोलियो के खिलाफ चली जंग भारत सरकार, विश्व स्वास्थय संगठन, रोटरी क्लब, बिल एंड मेलिंडा गेट्स और ग्लोबल पोलियो इनीशिएटिव के साझा प्रयासों से लड़ी गई. दुनिया के सबसे बड़े इस अभियान में लगभग 20 लाख वालंटियर्स ने लगातार साल में दो बार लगभग 17 करोड़ बच्चों का टीकाकरण किया.  

 

 

  • क्रिकेट से लेकर बॉलीवुड हस्तियों ने इस अभियान को दी अपनी आवाजः

सरकार का पोलियो के खिलाफ ये अभियान दो बूंद जिंदगी की…पल्स पोलियो अभियान के नाम से प्रचारित किया गया. इस अभियान में भारत रत्न सचिन तेंदूलकर, बिगबी अमिताभ बच्चन समेत जैकी श्राफ ने हिस्सा लिया और लोगों को अपने पांच साल तक के बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने की अपील की. अमिताभ बच्चन का शर्म आनी चाहिए हमें जुमले वाला कैम्पेन काफी असरदार साबित हुआ था. देश के दूरदराज इलाकों में रहने वाले सामाजिक आर्थिक रूप से पिछड़े तबके में इन अभियानों ने पोलियो के बारे में जागरूक करने का काम किया.

 

  • हम सबने मिल के दूर किया पोलियो को

ज्यादातर लोगों का मानना था कि भारत पोलियो से छुटकारा पाने वाला दुनिया का आखिरी देश होगा. भारत को पोलियो मुक्त होने में आने वाली मुश्किलों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, विशाल जनसंख्या, जागरूकता की कमी, धार्मिक रुढ़ियां, भौगोलिक असमानताएं और कई दूसरी समस्याएं आड़े आरहीं थीं. पोलियो मुक्त बनाने के लिए सरकार के पल्स पोलियो अभियान के तहत वॉलंटियर्स ने घर-घर जाकर बच्चों में  पोलियो का टीकाकरण किया. पोलियो के खिलाफ चली इस जंग के तहत बच्चों के मां-बाप ने भी दूर-दराज के इलाकों में जाकर उन्हें पोलियो का टीका लगवाया.

  • दोबारा वापस आ सकता है पोलियो!

हालांकि भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है लेकिन अभी भी इसके पड़ोसी पाकिस्तान से वापस आने का खतरा बरकरार है. पाकिस्तान इस वक्त विश्व में पोलियो के मामले में सबसे संवेदनशील देश है.

Business News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: पोलियो मुक्त भारत: जानें कैसे 35 साल में जीती गई ये जंग?
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017