बचत खाते में न्यूनतम राशि न होने पर जुर्माना नहीं लगाएं बैंक : रिजर्व बैंक

बचत खाते में न्यूनतम राशि न होने पर जुर्माना नहीं लगाएं बैंक : रिजर्व बैंक

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM
मुंबई: उपभोक्ता सुरक्षा पहल के तहत रिजर्व बैंक ने आज बैंकों से कहा कि वे उन उपभोक्ताओं पर जुर्माना न लगाएं जो बुनियादी बचत बैंक खातों में न्यूनतम राशि नहीं रख पाते.

 

रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने 2014-15 के लिए आज पहली द्वैमासिक मौद्रिक नीति जारी करते हुए कहा, ‘‘बैंकों को ग्राहकों की दिक्कतों या उनके द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने का बेजा फायदा नहीं उठाना चाहिए.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘ सामान्य बचत खाते में न्यूनतम राशि नहीं रखने पर जुर्माना लगाने के बदले बैंकों को ऐसे खातों पर सिर्फ वहीं सेवाएं प्रदान करनी चाहिए जो बुनियादी बचत बैंक खातों पर उपलब्ध हैं और जब खाते में न्यूनतम अनिवार्यता के मुताबिक राशि जमा हो जाती है तो सेवाएं पूर्ववत कर देनी चाहिए.’’ उन्होंने कहा कि यदि किसी निष्क्रिय खाते में न्यूनतम राशि नहीं हो तो बैंकों को जुर्माना नहीं लगाना चाहिए.

 

भारतीय स्टेट बैंक मूल बचत खाते में न्यूनतम राशि जमा न होने पर कोई शुल्क नहीं लेता.

 

आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक शहरी इलाके में तिमाही आधार पर औसतन 10,000 रपये और कस्बाई इलाकों में 5,000 रपये तक की न्यूनतम राशि न होने पर 750 रपये प्रति तिमाही का शुल्क लेता है.

 

 उन्होंने कहा कि ग्राहकों से शुल्क सिर्फ इलेक्ट्रानिक बैकिंग लेन-देन तक ही सीमित होना चाहिए जिनमें बैंक ग्राहक की लापरवाही साबित नहीं कर सकते.

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