बढेगी महंगाई: एक डॉलर की कीमत हुई 69 रुपये

By: | Last Updated: Tuesday, 27 August 2013 10:12 PM

<p style=”text-align: justify;”>
<b>मुंबई: </b>रुपये
का गिरना लगातार जारी है और
हर रोज़ यह एक नया रिकार्ड
बना रहा है.  बुधवार को डॉलर
के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड
निचले स्तर पर पहुंच गया है.
आज एक डॉलर की कीमत 68.75 पर
पहुंच गई है.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
रुपये के कमजोर होने के पीछे
मुख्य वजह आयातकों के बीच
डॉलर की बढ़ती मांग और कमजोर
अर्थव्यवस्था में विदेशी
निवेश की रुचि की कमी बताई जा
रही है.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
मुंबई स्थित अंतर-बैंक
विदेशी विनिमय बाजार में
डॉलर के मुकाबले
आंशिक-परिवर्तनीय रुपया
रिकॉर्ड गिरावट के साथ 68.75 के
नए स्तर पर पहुंच गया. इसने
मंगलवार के (66.25 रुपये) रिकॉर्ड
को तोड़ दिया है.<br />
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
सेंसेक्स और निफ्टी भी आज
नीचे हैं. सेंसेक्स 18 हज़ार से
नीचे चला गया है. यूपीए सरकार
के महत्वाकांक्षी खाद्य
सब्सिडी विधेयक के लोकसभा
में मंजूरी मिलने के बाद
रुपया अपने नए सर्वकालिक
निचले स्तर पहुंच गया.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
रुपए की कमजोरी से घरेलू शेयर
बाजार भी औंधे मुंह गिर रहा
है. खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम
की वजह से राजकोषीय घाटा
बढ़ने के साथ रेटिंग में कमी
की आशंका बढ़ी है. इसका असर
व्यापक रूप से बाजार पर दिखाई
दे रहा है.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
इस साल यानी 2013 में रुपये में
करीब 20 फीसद की गिरावट आ चुकी
है. वैश्विक स्तर पर रुपया
सबसे खराब प्रदर्शन करने
वाली मुद्रा रही है.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
देश की दो-तिहाई आबादी यानी 82
करोड़ लोगों को आम चुनाव से
पहले सब्सिडी वाला
खाद्यान्न उपलब्ध कराने की
सरकार की योजना से खाद्य
सब्सिडी बिल 25,000 करोड़ रुपये
बढ़ जाएगा. आशंका है कि इससे
वित्त मंत्री पी चिदंबरम के
लिए राजकोषीय घाटे पर अंकुश
लगाना मुश्किल होगा. वैसे
चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि
उनके लिए राजकोषीय घाटे को
जीडीपी के 4.8 प्रतिशत तक सीमित
रखने का लक्ष्य लक्षमण रेखा
है.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
<b>ये भी पढें- </b><a
href=”http://www.abpnews.newsbullet.in/ind/34-more/52285–590-“>शेयर
बाजारों में गिरावट,
सेंसेक्स 590 अंक नीचे</a> <a
href=”http://www.abpnews.newsbullet.in/blogtest/74-more/52253-2013-08-27-10-32-38”>जानिए
रूपये के गिरते मूल्यों के
खेल को</a> <a
href=”http://www.abpnews.newsbullet.in/ind/34-more/51923-icici-“>अब
और महंगा हुआ ICICI और HDFC का लोन</a>
<a
href=”http://www.abpnews.newsbullet.in/ind/34-more/51885-2013-08-21-17-03-02″>क्या
गिरता रुपया खत्म कर रहा है
नौकरियां?</a><br />
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
फूड सिक्योरिटी बिल पास होने
की वजह से राजकोषीय घाटा और
बढ़ने की आशंकाओं को भी शेयर
बाजार और रुपये में आई इस
भारी गिरावट के लिए
जिम्मेदार माना जा रहा है.
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने
कहा है कि रुपये में लगातार
गिरावट के लिए सिर्फ
अंतरराष्ट्रीय ही नहीं,
घरेलू कारण भी जिम्मेदार हैं.
उन्होंने ये बात राज्यसभा
में प्रश्नकाल के दौरान
बीजेपी सांसद रविशंकर
प्रसाद के एक सवाल के जवाब
में कही.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
<b>मंगलवार को रहा बुरा हाल</b>
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
देश की
मुद्रा रुपया मंगलवार को
गिरकर डॉलर के मुकाबले 66 से
नीचे नए ऐतिहासिक निचले स्तर
तक पहुंच गया. सरकार के यह
स्वीकार करने के बाद कि घरेलू
कारणों से रुपये में गिरावट
जारी है, विदेशी फंड ने पूंजी
बाजार में जम कर बिकवाली कर
डाली. <br /><br /><a
href=”http://www.abpnews.newsbullet.in/ind/34-more/51866–100-“>शेयर
बाजार को पिछले चार दिन में 100
अरब डॉलर का नुकसान</a><br />
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
मुंबई में अंतर बैंक विदेशी
मुद्रा बाजार में रुपये ने
डॉलर के मुकाबले 66.25 का नया
ऐतिहासिक निचला स्तर छू लिया.
इससे पहले 22 अगस्त को रुपया 65.56
के निचले स्तर पर पहुंच गया
था.<br /><br /><a
href=”http://www.abpnews.newsbullet.in/blogtest/74-more/51791-2013-08-20-08-27-01″>व्यंग्य:
रुपये ‘यस वी कैन’ कहने से
अमरीकन नहीं हो जाओगे</a><br />
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
दैनिक सत्र की समाप्ति पर
रुपया प्रति डॉलर 66.24 पर बंद
हुआ, जो सोमवार के बंद स्तर 64.72
से 2.36 फीसदी कमजोर है. रुपये
में गिरावट से शेयर बाजारों
में भी जबरदस्त गिरावट देखी
गई. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स
590.05 अंकों की गिरावट के साथ
17,968.08 पर और निफ्टी 189.05 अंकों की
गिरावट के साथ 5,287.45 पर बंद हुए.<br /><br /><a
href=”http://www.abpnews.newsbullet.in/ind/34-more/51544–abp-news-“>क्या
देश का दिवाला निकल गया? गांव
और शहरों में ABP News की खास
पड़ताल</a><br />
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई)
का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी
सूचकांक सेंसेक्स 97.41 अंकों
की गिरावट के साथ 18,460.72 पर खुला
और 590.05 अंकों या 3.18 फीसदी की
गिरावट के साथ 17,968.08 पर बंद हुआ.
दिन भर के कारोबार में
सेंसेक्स ने 18,460.72 के ऊपरी और
17,921.82 के निचले स्तर को छुआ.<br /><br /><a
href=”http://www.abpnews.newsbullet.in/video/india/51497-67—62–“>67
का देश, 66 पर रुपया</a> <br />
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
सेंसेक्स के 30 में से सिर्फ
तीन शेयरों -इंफोसिस (0.91
फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (0.53
फीसदी) और सेसा गोवा (0.18 फीसदी)
में तेजी रही. नेशनल स्टॉक
एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों
पर आधारित संवेदी सूचकांक
निफ्टी 50.00 अंकों की गिरावट के
साथ 5,426.50 पर खुला और 189.05 अंकों
या 3.45 फीसदी गिरावट के साथ 5,287.45
पर बंद हुआ. दिन भर के कारोबार
में निफ्टी ने 5,427.40 के ऊपरी और
5,274.25 के निचले स्तर को छुआ.<br /><br /><a
href=”http://www.abpnews.newsbullet.in/video/india/51530-2013-08-16-13-26-43″>शेयर
बाजार में सुनामी</a><br />
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
इससे
पहले पी. चिदंबरम ने राज्यसभा
में कहा कि रुपया वास्तविक
मूल्य से काफी नीचे जा चुका
है. उन्होंने कहा कि अन्य
उभरती अर्थव्यवस्थाओं को भी
समान स्थिति का सामना करना
पड़ रहा है. बहरहाल, इनमें
सबसे खराब प्रदर्शन रुपये का
है.<br /><br /><a
href=”http://www.abpnews.newsbullet.in/ind/34-more/51534-2013-08-16-15-06-58″>आखिर
किसने निकाला देश का दिवाला?</a><br />
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
सोमवार को लोकसभा में पारित
खाद्य सुरक्षा विधेयक को
लेकर भी चिंता बनी रही, जिसका
असर देश के चालू खाता घाटा पर
पड़ सकता है. इस विधेयक में
करीब 20 अरब डॉलर के खर्च का
प्रावधान है. चिदंबरम ने यह
भी कहा कि गिरावट घरेलू
कारणों से है. उन्होंने कहा,
“सिर्फ बाहरी कारण ही नहीं
हैं. घरेलू कारण भी हैं. हम
मानते हैं कि घरेलू कारण हैं.”
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
आर्थिक चिंताओं से निपटने के
लिये सरकार द्वारा उठाये गये
कदमों का बचाव करते हुये
चिदंबरम ने कहा ‘‘हमें इस समय
सुधारों को कम करने की नहीं
बल्कि बढ़ाने की आवश्यकता है,
प्रतिबंध लगाने की नहीं
बल्कि कम करने, बंद
अर्थव्यवस्था नहीं बल्कि
अधिक खुली अर्थव्यवस्था की
आवश्यकता है.’’ <br /><br />वित्त
मंत्री ने बारी बारी से
अर्थव्यवस्था में बनी
चिंताओं का जिक्र कर उनके
निदान के लिये सरकार के कदमों
के बारे में बताया. उन्होंने
कहा राजकोषीय घाटे को लेकर
चिंता व्यक्त की जा रही है.
सरकार ने चालू वित्त वर्ष के
दौरान राजकोषीय घाटे के लिये
4.8 प्रतिशत की सीमा रेखा खींची
है और इसे तोड़ा नहीं जायेगा.<br /><br /><b>अर्थव्यवस्था
को लेकर विपक्ष का सरकार पर
हमला</b><br /><br />विपक्षी
पार्टियों ने देश की
अर्थव्यवस्था की मौजूदा
स्थिति पर मंगलवार को सरकार
पर हमला बोला. विपक्षियों ने
कहा कि सरकार देश के वित्तीय
मामलों पर नियंत्रण खो चुकी
है और समय पूर्व चुनाव कराना
बेहतर रहेगा. विपक्षी नेताओं
ने महंगाई, विकास दर में कमी
और रुपये के अवमूल्यन का
हवाला दिया और कहा कि सरकार
की नीति से अनिश्चितता और
निराशा पैदा हुई है.<br /><br /><a
href=”http://www.abpnews.newsbullet.in/video/india/51552-2013-08-16-16-59-20″>जानिए
देश का दिवाला किसने निकाला ?</a><br />
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
देश की आर्थिक स्थिति पर एक
बहस में हिस्सा लेते हुए
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
के नेता यशवंत सिन्हा ने कहा
कि सरकार का अर्थव्यवस्था पर
से नियंत्रण समाप्त हो चुका
है. इसलिए मौजूदा आर्थिक संकट
से देश को बाहर निकालने के
लिए सरकार को सत्ता से बाहर
हो जाना चाहिए.<br /><br /><a
href=”http://www.abpnews.newsbullet.in/video/india/51738-2013-08-19-13-48-50″>आखिर
रुपये की गिरावट थम क्यों
नहीं रही है?</a><br />
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को
ही देश की मुद्रा रुपया डॉलर
के मुकाबले गिर कर 66 के नीचे
नए ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच
गया और शेयर बाजार के एक
प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स
में भी करीब 600 अंकों की
गिरावट दर्ज की गई.<br /><br /><a
href=”http://www.abpnews.newsbullet.in/photos/india/51743-2013-08-19-15-19-46″><span
class=”photo-icon”>जानिए क्या क्या होगा
महंगा</span></a><br />
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
उन्होंने कहा, “निर्णय
प्रक्रिया का पंगु हो जाना
असली समस्या है.” उन्होंने
कहा, “यदि वित्तीय घाटा
बढ़ेगा, तो महंगाई बढ़ेगी ही.
वित्तीय घाटा बढ़ने का असर
चालू खाता घाटा पर भी पड़ेगा.
यह एक दुष्चक्र है.”<br /><br /><span
class=”video-icon”><a
href=”http://www.abpnews.newsbullet.in/video/india/51745-2013-08-19-15-58-04″>क्या
1991 की ओर बढ़ रहा है देश ?</a></span><br />
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
सिन्हा ने कहा, “हम इस सरकार को
और बर्दाश्त नहीं कर सकते. अब
हमें जनता के पास जाना चाहिए.
अगर आपके पास हिम्मत है, तो
जनता के पास चलिए. एक ही
समाधान है, चलिए. जनता को
फैसला करने दीजिए.”<br /><br />बहस की
शुरुआत करते हुए भाकपा नेता
गुरुदास दासगुप्ता ने कहा,
“सरकार की विवेकहीन नीतियों
के कारण देश भयानक आपदा और
आर्थिक सूनामी झेल रहा है.”
उन्होंने कहा कि सरकार को इस
निराशा, डर और अनिश्चितता की
जिम्मेदारी लेनी चाहिए.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>

</p>

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