बिटक्वाइन प्रभाव: लक्ष्मीक्वाइन के प्रवर्तकों ने इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा

By: | Last Updated: Tuesday, 7 January 2014 12:35 PM

नई दिल्ली: दुनिया की प्रमुख आभासी मुद्रा बिटक्वाइन का भारतीय संस्करण लक्ष्मीक्वाइन के प्रवर्तकों ने इसे पेश किये जाने से पहले नियामकीय प्राधिकरणों से नियमों के स्पष्टीकरण की मांग की है. नियामकीय स्पष्टता के अभाव में इसे पेश किये जाने में पहले ही देरी हो चुकी है.

 

दुनिया भर में पहले से ही 70 आभासी मुद्रा प्रचलन में है जिनका कुल बाजार मूल्यांकन करीब 15 अरब डालर :90,000 करोड़ रपये: है. इसमें बिटक्वाइन करीब 10 अरब डालर मूल्य का है.

 

लक्ष्मीक्वाइन के प्रवर्तक पिछले कई सप्ताह से भारत की पहली आभासी मुद्रा पेश करने की तैयारी कर रहे हैं.

 

उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों के अनुसार हालांकि बिटक्वाइन को लेकर रिजर्व बैंक की चेतावनी तथा प्रवर्तन निदेशालय एवं आयकर विभाग समेत अन्य प्राधिकरणों द्वारा बीटक्वाइन परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू किये जाने से लक्ष्मीक्वाइन पेश किये जाने में देरी हुई है.

 

आभासी मुद्रा को लेकर रिजर्व बैंक की पिछले महीने चेतावनी के बाद देश में कई बिटक्वाइन कंपनियों ने अपना कारोबार निलंबित कर दिया है. रिजर्व बैंक ने मनी लांड्रिंग तथा साइबर सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण चेतावनी जारी की थी.

 

लक्ष्मीक्वाइन के ट्विटर पर किये गये पोस्ट के अनुसार नियामकीय स्पष्टीकरण के अभाव में इसे पेश किये जाने में देरी हुई है और उन्हें उम्मीद है कि इस बारे में सरकार की तरफ से जल्दी ही स्पष्ट दिशानिर्देश आएगा.

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Web Title: बिटक्वाइन प्रभाव: लक्ष्मीक्वाइन के प्रवर्तकों ने इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा
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