बिना दावे वाले 3500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल शिक्षा और जागरूकता परः रिजर्व बैंक

बिना दावे वाले 3500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल शिक्षा और जागरूकता परः रिजर्व बैंक

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक उन 3500 करोड़ रुपये को इस्तेमाल शिक्षा और जागरूकता पर करेगी जो बैंकों में बिना दावे वाले खाते में बंद हैं.

 

रिजर्व बैंक ने कहा है कि ‘जमाकर्ता शिक्षा व जागरूकता कोष योजना 2014’ को अंतिम रूप दे दिया गया है और इसे सरकार को भेजा गया है जिससे इसे आधिकारिक गजट में अधिसूचित किया जा सके. इस कोष में वहीं जमा राशि डाली जाएगी जिनमें बैंक खातों को पिछले दस साल से इस्तेमाल नहीं किया गया है या फिर कोई ऐसी राशि जिस पर पिछले दस साल से कोई दावा नहीं किया गया है.

 

इन जमा खातों में बचत बैंक खाता, मियादी जमा खाता, आवर्ती जमा तथा चालू खाता शामिल है. साथ ही इसमें वह भुगतान भी शामिल होगा जो किसी लेनदेन में विदेशी मुद्रा में दिया गया है और जिस पर दस साल या अधिक से कोई दावा नहीं किया गया है. एक अनुमान के अनुसार बैंकों के पास बिना दावे वाली जमा राशि 3,652 करोड़ रुपये है.

 

अकेले भारतीय रिजर्व बैंक के पास ही इसमें से 15 फीसद जमा राशि है. रिजर्व बैंक ने कहा है कि यदि कोष में कोई राशि स्थानांतरित कर दी जाती है और उसके बाद ग्राहक इसके लिए दावा करता है, तो बैंक उसे ब्याज के साथ यह राशि अदा करेंगे.

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