भारत की आर्थिक समस्याओं की वजह आंतरिक : जर्मनी

By: | Last Updated: Saturday, 22 February 2014 11:13 AM
भारत की आर्थिक समस्याओं की वजह आंतरिक : जर्मनी

सिडनी: जर्मनी ने भारत की आर्थिक चिंताओं के लिये उसके आंतरिक मुद्दों को जिम्मेदार ठहराया है. जर्मनी के वित्त मंत्री वूल्फगेंग शूएबल ने कहा कि भारत को अपनी आर्थिक समस्याओं के लिये विकसित देशों की मौद्रिक नीति को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिये.

 

शूएबल ने टेलीविजन चैनल सीएनबीसी से कहा ‘‘मैं फिर से कहता हूं कि भारत में बहुत सी आंतरिक समस्याएं हैं जो अन्य देशों की मौद्रिक नीति से पैदा नहीं हुई है.’’

 

यह टिप्पणी जी20 की मंत्रिस्तरीय बैठक के ठीक पहले आई है जिसमें विभिन्न देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर शामिल होंगे. इस बैठक में कराधान और बुनियादी ढांचा जैसे क्षेत्रों से जुड़ी वैश्विक चिंता पर बहस होगी ताकि विश्व भर में तेजी से और संतुलित वृद्धि दर्ज हो सके.

 

भारत समेत उभरती अर्थव्यवस्थाएं अमेरिका से मौद्रिक नीति को और ज्यादा अनुमेय बनाने की मांग कर रही है. अमेरिका ने अपना राजकोषीय प्रोत्साहन धीरे-धीरे वापस लेना शुरू कर दिया है. अमेरिकी फेडरल द्वारा राजकोषीय प्रोत्साहन वापस लेने से उभरती अर्थव्यवस्थाओं से धन निकासी हो रही है जिससे उनकी मुद्रा पर असर हो रहा है.

 

शुएबल ने कहा ‘‘हमें एकजुटता के लिए और कोशिश करनी चाहिए . लेकिन सबको समझना चाहिए कि पहले वे अपना काम करें फिर दूसरों से एकजुटता की मांग करें.’’ उन्होंने कहा कि हर किसी को हमेशा लालच होता है कि वह अपने देश और अपने हितों का ध्यान पहले रखे.

 

उन्होंने कहा ‘‘इसलिए यह रवैया पूरी तरह उचित नहीं है न ही यह पूरी तरह से मौलिक है.’’ विकसित देश भी भारत की तरह अपनी मौद्रिक नीति बनाने के लिए आजाद हैं.

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Web Title: भारत की आर्थिक समस्याओं की वजह आंतरिक : जर्मनी
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