भूमिहार वोटो के लिए बीजेपी ने कृष्णानंद राय की की पत्नी अलका राय को मैदान में उतार

By: | Last Updated: Saturday, 3 May 2014 7:59 AM
भूमिहार वोटो के लिए बीजेपी ने कृष्णानंद राय की की पत्नी अलका राय को मैदान में उतार

यूपी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी और बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी दायीं ओर

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को दिल्ली की गद्दी तक पहुंचाने के लिए पूर्वाचल की लड़ाई बीजेपी के लिए काफी अहम हो गई है. इस अहमियत को समझते हुए बीजेपी और अंसारी बंधुओं के बीच भूमिहार मतों को साधने की कवायद शुरू हो चुकी है.

 

कौमी एकता दल (कौएद) ने कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय का समर्थन कर बीजेपी के रणनीतिकारों को बेचैन कर दिया है. वाराणसी में नरेंद्र मोदी की जीत पक्की मानकर बैठी बीजेपी बनारस के आसपास की उन सीटों को लेकर फिक्रमंद हो गई है, जहां भूमिहार मतों की संख्या ज्यादा है.

 

कौएद के राष्ट्रीय संरक्षक अफजाल अंसारी ने वाराणसी में अजय राय का समर्थन करके पूर्वी उत्तर प्रदेश में भूमिहार वोटरों को लुभाने की कोशिश की है. भूमिहार वोटों में सेंध मारने की कौएद की योजना कामयाब हुई तो गाजीपुर और बलिया में बीजेपी की राह मुश्किल हो जाएगी.

 

गौरतलब है कि कृष्णानंद राय की हत्या के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में अजय राय को भूमिहार समुदाय के बड़े नेताओं में गिना जाता है. बीजेपी ने भूमिहार वोटरों के भीतर अजय राय के प्रभाव को कम करने के लिए कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय को मैदान में उतार दिया है.

 

अलका राय ने कौएद और कांग्रेस के गठजोड़ के खिलाफ प्रचार शुरू कर दिया है. बीजेपी अपनी खास रणनीति के तहत उन्हें भूमिहार बहुल इलाकों में ही भेज रही है. उल्लेखनीय है कि अलका राय के पति कृष्णानंद राय और अजय राय के भाई अवधेश राय की हत्या में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी नामजद आरोपी हैं.

 

कौएद के अजय राय को समर्थन देने वाले सवाल पर अलका राय ने कहा, “मैं इस बात से अचरज में हूं कि कैसे कोई अपने भाई के हत्यारे से समर्थन ले सकता है.” राजनीतिक विश्लेषकों का दावा है कि अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी की रणनीति वाराणसी में अजय राय का समर्थन कर बलिया, घोसी और गाजीपुर में भूमिहार वोटों में सेंध लगाने की है.

 

लोकसभा चुनाव में अफजाल अंसारी बलिया से और मुख्तार अंसारी घोसी से चुनाव लड़ रहे हैं. गाजीपुर से एकता मंच की ओर से डी. पी. यादव प्रत्याशी हैं. तीनों ही सीटों पर बड़ी संख्या में भूमिहार वोटर हैं. गाजीपुर से बीजेपी ने मनोज सिन्हा को, बलिया से भरत सिंह को और घोसी से हरिनारायण राजभर को टिकट दिया है. अजय राय के समर्थन के जरिए अंसारी बंधुओं ने इन तीनों सीटों पर बीजेपी की राह मुश्किल कर दी है.

 

बीजेपी की ओर से प्रचार कर रही अलका राय, अजय राय पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रही हैं. भूमिहार बहुल इलाकों में वे अक्सर ये कहते हुए सुनी जा सकती हैं कि जो व्यक्ति भाई का नहीं हुआ वह समाज का क्या होगा?

 

बीजेपी के रणनीतिकारों के मुताबिक पार्टी अलका की भावनात्मक अपील के जरिए गाजीपुर, बलिया और घोसी में भूमिहार वोटों को अपने खेमे में रखना चाह रही है. गाजीपुर, बलिया और घोसी में भूमिहार वोटों की संख्या काफी अधिक है. घोसी में भूमिहार मतदातओं की संख्या 1.10 लाख है जबकि गाजीपुर में यह आंकड़ा 1.60 लाख है. बलिया में भी भूमिहार मतदाताओं की संख्या एक लाख से ऊपर है.

 

इधर, अलका राय के काशी (वाराणसी) के रण में उतरने के बाद से ही अजय राय के लिए स्थिति बहुत असहज हो गई है. हालांकि सार्वजनिक तौर अभी वह केवल इतना ही कह रहे हैं कि कौमी एकता दल के साथ पार्टी के शीर्ष नेताओं ने समझौता किया है. व्यक्तिगत तौर पर इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है.

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Web Title: भूमिहार वोटो के लिए बीजेपी ने कृष्णानंद राय की की पत्नी अलका राय को मैदान में उतार
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