यूक्रेन संकट का भारतीय फार्मा कंपनियों पर भी पड़ेगा असर : फिक्की

By: | Last Updated: Tuesday, 18 March 2014 3:32 PM

नई दिल्ली: इंडियन चैम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने मंगलवार को कहा कि रूस-यूक्रेन का संकट लंबा खिंचने से वहां स्थित भारतीय फार्मा कंपनियों पर असर पड़ेगा.

 

फिक्की ने यूक्रेन में प्रमुख भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के प्रतिनिधियों का सर्वे करने के बाद यहां कहा, “यदि यह स्थिति कायम रही तो देश यूक्रेन की मुद्रा पर उसका असर पड़ेगा, जिससे भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियां बुरी तरह प्रभावित होंगी.”

 

फिक्की ने कहा कि यद्यपि यूक्रेन में हाल के घटनाक्रमों का भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के कारोबार पर तत्काल कोई असर नहीं है, लेकिन चिंता की वजहें मुख्यरूप से इसलिए हैं, क्योंकि हाल में यूक्रेन की मुद्रा रिव्निया का डॉलर के मुकाबले अवमूल्यन हुआ है.

 

मध्य दिसंबर में डॉलर के मुकाबले 8.20 रिव्निया की दर गिरकर मार्च के प्रारंभ में 9.86 रिव्निया हो गई.

 

उल्लेखनीय है कि यूक्रेन स्वतंत्र राष्ट्रों के राष्ट्रमंडल (सीआईएस) में रूस के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार है. भारत से फार्मास्युटिकल्स का निर्यात 2012-13 में 15.40 करोड़ डॉलर था, जो कि यूक्रेन को भारत से होने वाले कुल निर्यात का लगभग 30 प्रतिशत ठहरता है.

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Web Title: यूक्रेन संकट का भारतीय फार्मा कंपनियों पर भी पड़ेगा असर : फिक्की
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