रिजर्व बैंक समिति ने फ्लोटिंग ब्याज दर के लिये भी बैंचमार्क दर की सिफारिश की

रिजर्व बैंक समिति ने फ्लोटिंग ब्याज दर के लिये भी बैंचमार्क दर की सिफारिश की

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM
मुंबई: रिजर्व बैंक की एक समिति ने समय के साथ घटने बढ़ने वाली फ्लोटिंग ब्याज दरों के लिये भी बैंचमार्क दर तय करने की सिफारिश की है. समिति ने कहा है कि विशेषतौर पर आवास रिण पर बैंचमार्क फ्लोटिंग दर तय की जानी चाहिये ताकि इस तरह के कर्ज के मूल्यांकन में और अधिक पारदर्शिता लाई जा सके.

 

कर्ज की सही कीमत तय करने पर गठित कार्यसमूह ने अपनी मसौदा रिपोर्ट में कहा है, ‘‘भारतीय बैंक संघ :आईबीए: को फ्लोटिंग यानी अस्थिर ब्याज दर वाले रिण उत्पादों के लिये एक नई बैंचमार्क दर जैसे ‘इंडियन बैंक्स बेस रेट - आईबीबीआर’, विकसित करनी चाहिये. आईबीए इस तरह से तय की गई दर का समय समय पर प्रकाशन और जारी कर सकता है.’’ रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर आनंद सिन्हा की अध्यक्षता वाली इस समिति ने कहा कि फ्लोटिंग ब्याज दर की बैंचमार्क ब्याज दर के तौर पर भारतीय बैंकों की आधार दर के साथ शुरआत की जा सकती है.

 

इस कार्यसमूह का गठन फ्लोटिंग ब्याज दरों के तहत रिण उत्पादों पर उचित ब्याज दर तय करने के मामले में होने वाले भेदभाव से जुड़ मुद्दों की जांच परख करने और उसमें पारदर्शिता लाने तथा उचित मूल्य तय करने के बारे में सिफारिश देने के लिये किया गया था.

 

बैंकों को आधार दर से कम दर भी कर्ज देने की अनुमति नहीं है.

 

समिति ने कहा है कि बैंकों को बैंचमार्क रिण दर यानी आधार दर को धन की मार्जिनल लागत के अनुरूप तय करना चाहिये.

 

रिजर्व बैंक ने समिति की इस मसौदा रिपोर्ट पर संबंद्ध पक्षों से 16 मई तक उनके विचार और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं.

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