रक्षा मंत्रालय ने किया 6,000 करोड़ रुपये का हेलीकॉप्टर टेंडर रद्द

By: | Last Updated: Friday, 29 August 2014 4:35 PM
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नई दिल्ली: रक्षा मंत्रालय ने विदेशी कंपनियों से 197 हल्के हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की घोटाले के दाग वाले टेंडर आज रद्द कर दी. मंत्रालय ने घरेलू विनिर्माताओं को सशस्त्र सेनाओं के लिए ये हेलीकाप्टर बनाने की अनुमति देने का फैसला किया है.

 

रक्षा मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) की बैठक में यह फैसला किया गया. सरकार ने 17,500 करोड़ रूपये से अधिक मूल्य के प्रस्तावों को मंजूरी भी दी है. परिषद ने 16 हेलीकाप्टरों (मल्टीरोल) हेतु नौसेना की टेंडर के लिए वाणिज्यिक बोलियों को आगे बढाने की अनुमति दी है.

 

रक्षा मंत्रालय ने अमेरिका से 15 चिनूक और 22 अपाचे हमलावर हेलीकॉप्टर खरीदने के 15,000 करोड़ रूपये के सौदे की अंतिम बाधा भी दूर कर दी है. यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से कुछ सप्ताह पहले किया गया है.

 

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने यहां बताया कि डीएसी ने 197 हेलीकॉप्टरों की खरीद संबंधी टेंडर रद्द करने का फैसला किया है. यह फैसला किया गया कि सशस्त्र बलों की जरूरतों के लिए ऐसे 400 हेलीकॉप्टर बनाने का अवसर भारतीय उद्योग को दिया जाए. रक्षा मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि घरेलू विनिर्माण उद्योग को बढावा देने के प्रधानमंत्री के आह्वान के मद्देनजर सरकार ने ‘खरीदो और बनाओ’ श्रेणी में ये हेलीकाप्टर खरीदने का फैसला किया है जिससे रक्षा क्षेत्र में स्थानीय उद्योग के लिए 40,000 करोड़ रूपये का कारोबार सृजित होने की उम्मीद है.

 

 

पिछले सात साल में यह दूसरा मौका है जब ऐसी निविदा रद्द की गई हो जिसमें यूरोपीय यूरोकॉप्टर और रूसी कामोव प्रतिस्पधी’ हों. सीबीआई की चल रही जांच और गड़बड़ियों के अन्य आरोपों को लेकर यह निविदा दो साल से रोक कर रखी गई थी.

 

 

एचएएल के चेयरमैन आर के त्यागी ने इस घटना्रकम पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘इससे स्वदेशीकरण को बढावा मिलेगा. एचएएल तथा अन्य कंपनियों को यह चुनौती स्वीकार करने का विश्वास है.’ सार्वजनिक क्षेत्र की एचएएल ने स्वदेशी लाइट यूटिलिटी हेलीकाप्टर बनाने के लिए तुमकूर, कर्नाटक में जमीन का अधिग्रहण किया है.

 

मंत्रालय ने बैठक में सेना के लिए 15,000 करोड़ रूपये की लागत से इस्राइली टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल ‘स्पाइक’ खरीदने का फैसला टाल दिया. इस उद्देश्य के लिए जेवेलीन मिसाइल संयुक्त रूप से तैयार करने की अमेरिका की पेशकश के मद्देनजर यह फैसला किया गया. बैठक में जो फैसले किए गए उनमें छह पनडुब्बियों का 4,800 करोड़ रूपये की लागत से ‘मिड लाइफ’ उन्नयन करने का प्रस्ताव शामिल है. पिछले साल अगस्त में आईएनएस सिंधुरक्षक के डूबने की घटना के बाद से ही नोसैना अपने मौजूदा बेड़े के उन्नयन पर काम कर रही है.

 

बैठक में 6,600 करोड़ रूपये की लागत से 118 अर्जुन एमके 2 टैंक की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. डीएसी ने 820 करोड़ रूपये की लागत से 40 अजरुन टैंक ‘चेसिस आधारित केटापाउल्ट आर्टिलरी सिस्टम’ के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी.

 

तेजपुर स्थित 4 कोर, दीमापुर स्थित 3 कोर और लेह आधारित 14 कोर के तहत चीन की सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए एक समर्पित मोबाइल संचार प्रणाली को भी अपनी सहमति दे दी.

 

बैठक में नोसैना को 16 मल्टीरोल हेलीकाप्टर खरीदने के लिए निविदा की बोलियां खोलने की अनुमति दे दी. इस सौदे के लिए अमेरिकी सिकोरस्काई व यूरोपीय एनएच इंडस्ट्रीज जिसमें अगस्तावेस्टलैंड शामिल है, भी दौड़ में है.

 

रक्षा मंत्रालय ने इटली की कंपनी फिनमैकेनिका रक्षा समूह तथा इसकी अनुषंगी कंपनियों से जुड़े मामलों से निपटने के लिए दिशा निर्देश जारी किए जाने के बाद यह मंजूरी दी है.

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