पेट्रोल पर 2.25 रुपये और डीजल पर 1 रुपये बढ़ी एक्साइज़ ड्यूटी, लेकिन नहीं बढ़ेंगे दाम

By: | Last Updated: Tuesday, 2 December 2014 12:44 PM

नई दिल्ली: सरकार ने आज पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 2.25 रुपये और डीजल पर एक रुपये लीटर बढ़ा दिया लेकिन पर इसका असर पेट्रोल पंप पर जाने वाले ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा.

 

तेल कंपनियों ने उत्पाद शुल्क में वृद्धि फिलहाल स्वयं वहन करने का फैसला किया है और इसका बोझ ग्राहकों पर नहीं डालेंगी.

 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम नीचे आने का फायदा उठाते हुये सरकार ने पिछले तीन सप्ताह में दूसरी बार पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाया है. ताजा शुल्क वृद्धि से सरकारी खजाने को मार्च तक 4,000 करोड़ रपये की अतिरिक्त प्राप्ति होगी. इससे पहले 12 नवंबर को इन दोनों ईंधनों पर उत्पाद शुल्क प्रति लीटर डेढ रूपए बढ़ाया गया था. दो किस्तों में उत्पाद शुल्क की वृद्धि से चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि में सरकार को करीब 10,000 करोड़ रपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा. इससे उसे राजकोषीय घाटे को तय दायरे में रखने में मदद मिलेगी.

 

जम्मू और कश्मीर तथा झारखंड में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. दिल्ली में भी जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने उत्पाद शुल्क वृद्धि को स्वयं वहन करने का फैसला किया है.

 

इंडियन ऑयल कापरेरेशन के चेयरमैन बी. अशोक ने कहा, ‘‘इस उत्पाद शुल्क वृद्धि को उपभोक्ता पर नहीं डाला जा रहा है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने कल ही पेट्रोल और डीजल के दाम कम किये हैं, इसलिये तुरंत इसमें फिर बदलाव करना उचित नहीं होगा.’’ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम घटने पर तेल कंपनियों ने कल ही पेट्रोल के दाम 91 पैसे और डीजल का दाम 84 पैसे लीटर कम किया है.

 

यह पूछे जाने पर कि तेल कंपनियों ने पेट्रोल, डीजल के दाम में कटौती करते समय कहीं पहले ही संभावित उत्पाद शुल्क वृद्धि को तो नहीं भांप लिया था? . बी. अशोक ने कहा दाम में कटौती अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट के अनुरूप की गई. नवंबर के पहले पखवाड़े में दाम 93.23 डालर प्रति बैरल से घटकर 87.21 डालर प्रति बैरल पर आ गये जबकि रपया इस दौरान 61.46 से गिरकर 61.80 रपये प्रति डालर हो गया.

 

अशोक ने कहा, ‘‘हम फिलहाल उत्पाद शुल्क वृद्धि को स्वयं वहन कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलते परिवेश पर हमारी नजर है, अगली बार (मध्य-दिसंबर) मूल्य संशोधन करते हुये हम स्थिति के अनुसार उचित कदम उठायेंगे.’’ साधारण यानी बिना ब्रांड के पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 2.70 रपये से बढ़ाकर 4.95 रुपये लीटर और सामान्य यानी गैर-ब्रांडेड डीजल पर इसे 2.96 रुपये से बढ़ाकर 3.96 रुपये लीटर कर दिया गया है. विशेष उत्पाद शुल्क और सड़क उपकर सहित पेट्रोल पर कुछ उत्पाद शुल्क अब बढ़कर 12.95 रुपये और डीजल पर 5.95 रुपये लीटर हो जायेगा.

 

इसी प्रकार ब्रांडेड पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 3.85 रुपये से बढ़कर 6.10 रपये और ब्रांडेड डीजल पर 5.25 से बढ़कर 6.25 रुपये लीटर हो गया है.

 

बिना ब्रांड के पेट्रोल पर इस समय 2.70 रुपये लीटर का बेसिक उत्पाद शुल्क, 6 रुपये का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और 2 रुपये लीटर का सड़क उपकर लगाया जाता है. साधारण डीजल पर 2.96 रुपये लीटर का बेसिक उत्पाद शुल्क और 2 रुपये का सड़क उपक्रर लगाया जाता है.

 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल का दाम घटकर 68.34 डालर प्रति बैरल रह गया. अक्तूबर 2009 के बाद यह सबसे कम दाम है.

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Web Title: Excise tax hike on petrol and diesel
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