एनएससी, पीपीएफ जैसी छोटी बजत योजनाओं पर ब्याज दर में कटौती

एनएससी, पीपीएफ जैसी छोटी बजत योजनाओं पर ब्याज दर में कटौती

इस कमी के बावजूद छोटी बचत योजनाओं पर बैंकों के मुकाबले ज्यादा ब्याज है. ज्यादात्तर बैंकों में जहां बचत खाते पर ब्याज दर साढ़े तीन फीसदी कर दिया है, वही छोटी बचत योजना के तहत अभी भी ये दर 4 फीसदी है.

By: | Updated: 27 Dec 2017 10:24 PM
government cuts small savings interest rate

नई दिल्ली: छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में 0.20 फीसदी की कटौती कर दी गयी है. नयी दरें पहली जनवरी से लागू होंगी और 31 मार्च तक प्रभावी होंगी. हालांकि बुजुर्गों के लिए पांच सालों वाली जमा योजना पर ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है.


बहरहाल, इस कमी के बावजूद छोटी बचत योजनाओं पर बैंकों के मुकाबले ज्यादा ब्याज है. ज्यादात्तर बैंकों में जहां बचत खाते पर ब्याज दर साढ़े तीन फीसदी कर दिया है, वही छोटी बचत योजना के तहत अभी भी ये दर 4 फीसदी है. दूसरी ओर बैंकों में एक साल से ज्यादा की मियाद वाली बचत योजनाओं पर ब्याज दर छह से पौने सात फीसदी है, वहीं छोटी बचत योजनाओं पर 6.6 फीसदी से 8.3 फीसदी के बीच है. ऐसी विभिन्न योजनाओं पर टैक्स छूट जोड़ दें तो प्रभावी ब्याज दर और भी आकर्षक होगी.


छोटी बचत योजनाओं में नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी एनएससी, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ, डाकघरों की बचत योजनाएं, किसान विकास पत्रा और सुकन्या समृर्द्धि योजना मुख्य रुप से शामिल हैं. किसान विकास पत्र को छोड़कर बाकी विभिन्न योजनाओं का इस्तेमाल बचत के साथ टैक्स बचाने में होता है. इन योजनाओं को सबसे सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि मूल रकम और तय ब्याज की गारंटी सरकार देती है. ये योजनाएं मुख्य रुप से डाकघरों में उपलब्ध है, लेकिन कई बैंकों में आप पीपीएफ खाता भी खुलवा सकते हैं.


छोटी बचत योजनाओं पर हर तीन महीने के लिए ब्याज दर तय किया जाता है और इसके लिए समान अवधि के सरकारी बांड पर ब्याज दर को आधार बनाया जाता है. इसी फॉर्मूले के तहत


- पांच साल की मियाद वाले एनएससी पर ब्याज की दर 7.8 फीसदी के बजाए 7.6 फीसदी होगी.


- 15 साल वाले पीपीएफ पर भी 7.8 फीसदी के बजाए 7.6 की दर से ब्याज मिलेगा.


- किसान विकास पत्र में जमा की गयी रकम 115 महीने के बजाए 118 महीने में दुगनी होगी.


- ध्यान रहे कि नयी दर पहली जनवरी के बाद की गयी जमा योजना पर ही लागू होगी. 31 दिसंबर तक की जमा पर पुरानी दर से ब्याज मिलेगा.


बहरहाल, राहत की बात ये है कि ब्याज दर में की गयी कटौती से बुजुर्गों को परेशान होने की जरुरत नहीं. क्योंकि डाकघर में बुजुर्गों के लिए पांच साल की जमा योजना पर कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस योजना में पहले की ही तरह 8.3 फीसदी की दर से ब्याज मिलता रहेगा.


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Web Title: government cuts small savings interest rate
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