Govt can set rules and regulation for Bitcoin, set up a regulatery body | आखिरकार बिटकॉइन पर कस सकता है शिकंजाः बजट में हो सकता है बड़ा एलान

आखिरकार बिटकॉइन पर कस सकता है शिकंजाः बजट में हो सकता है बड़ा एलान

इसी महीने में सरकार ने आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग की अध्यक्षता में क्रिप्टो करेंसी से जुड़े मामले तय करने के लिए एक कमिटी गठित की थी.

By: | Updated: 28 Dec 2017 12:16 PM
Govt can set rules and regulation for Bitcoin, set up a regulatory body

नई दिल्लीः क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन पर आखिरकार सरकार ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है. प्रमुख आर्थिक समाचार पत्र में छपी खबर के मुताबिक बिटकॉइन और इसके जैसी दूसरी क्रिप्टो करेंसी पर आने वाले बजट में रेगुलेटरी कदमों का एलान हो सकता है. यही नहीं इनके लिए एक समुचित परिभाषा भी तय की जा सकती है और इनको रेगुलेटरी दायरे में लाया जा सकता है.


जानें क्या है बड़ा कदम
इसी महीने में सरकार ने आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग की अध्यक्षता में क्रिप्टो करेंसी से जुड़े मामले तय करने के लिए एक कमिटी गठित की थी. इसने अब इस तरह की करेंसी की परिभाषा तय करने के लिए ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है.




  • ड्राफ्ट रिपोर्ट में बिटकॉइन को करेंसी का आधिकारिक दर्जा देने या न देने पर बात हुई है.

  • इसके अलावा रिपोर्ट में क्रिप्टो करेंसी के अलग-अलग कैटेगरी तय करने पर भी सुझाव दिए गए हैं.

  • इसको कैपिटल गेन टैक्स के दायरे में लाए जाने पर भी विचार किया जा सकता है.


दरअसल क्रिप्टो करेंसी की बढ़ती लोकप्रियता और हाल ही में इसकी कीमत जोरदार ऊंचाई पर जाने के बाद रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय की तरफ से भी इसके जोखिमों को लेकर चेतावनी जारी की गई थी. आपको बता दें कि सरकार ने क्रिप्टो करेंसी के मामलों को देखने के लिए ये दूसरी कमेटी बनाई है और इससे पहले क्रिप्टो करेंसी पर एक और कमिटी भी बनाई जा चुकी थी.


क्या है बिटकॉइन
बिटकाइन एक विकेंद्रीकृत डिजिटल मुद्रा है और यह पहली विकेन्द्रीकृत डिजिटल मुद्रा है जिसका अर्थ है की यह किसी केंद्रीय बैंक द्वारा नहीं संचालित होती है. कंप्यूटर नेटवर्किंग पर आधारित पेमेंट के लिए इसे बनाया गया है. बिटकॉइन एक वर्चुअल यानी आभासी मुद्रा है, आभासी मतलब कि अन्य मुद्रा की तरह इसका कोई भौतिक स्वरुप नहीं है यह एक डिजिटल करेंसी है. यह एक ऐसी करेंसी है जिसको आप ना तो देख सकते हैं और न ही छू सकते हैं. यह केवल इलेक्ट्रॉनिकली स्टोर होती है और अगर किसी के पास बिटकॉइन है तो वह आम मुद्रा की तरह ही सामान खरीद सकता है.



बिटकॉइन का क्रेज बढ़ा, नाम के आगे-पीछे बिटकॉइन जोड़ रही कंपनियां


एनएससी, पीपीएफ जैसी छोटी बजत योजनाओं पर ब्याज दर में कटौती


सरकार करेगी 50 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त उधारी


सरकारी बैंकों की घाटे में चल रही शाखाओं को बंद किया जाए: वित्त मंत्रालय

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title: Govt can set rules and regulation for Bitcoin, set up a regulatory body
Read all latest Business News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story एंप्लॉयर ने आपके खाते में पीएफ राशि जमा कराई या नहीं, EPFO देगा जानकारी