रिटायरमेंट प्लानिंग कर रहे हैं तो ये गलतियां भूलकर भी न करें | If you are doing your retirement planning then you must not forget these tips

रिटायरमेंट प्लानिंग कर रहे हैं तो ये गलतियां भूलकर भी न करें

अक्सर लोग रिटायरमेंट की प्लानिंग करते हुए बड़ी गलतियां कर बैठते हैं. यहां जानें ऐसी बातें जो रिटायरमेंट प्लानिंग के वक्त आपको भूलकर भी नहीं करनी चाहिएं.

By: | Updated: 28 Dec 2017 02:30 PM

नई दिल्ली: अगर आपकी उम्र 40 साल के आसपास है तो अब ये समय है कि आपको अपने रिटायरमेंट के लिए प्लानिंग शुरू कर देनी चाहिए. हालांकि जानकारों का तो ये कहना है कि आपको नौकरी लगने के पहले दिन से ही अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग शुरू कर दिनी चाहिए. लेकिन सतर्क हो जाइये अगर आपने अपनी कमाई के दिनों में जीवन की संध्या के लिए पैसा नहीं बचाया तो आपको भारी मुश्किल हो सकती है क्योंकि रिटायरमेंट की आयु आते-आते न तो आपका शरीर पहले जैसा चुस्त-दुरुस्त रहेगा और न ही आपके पहले जैसी शक्ति होगी.


अक्सर लोग रिटायरमेंट की प्लानिंग करते हुए बड़ी गलतियां कर बैठते हैं जिन्हें आप को भूलकर भी नहीं करना चाहिए. यहां जानें 5 ऐसे काम के टिप्स जो रिटायरमेंट प्लानिंग के वक्त आपको भूलकर भी नहीं करनी चाहिएं.


1. महंगाई का अनुमान न लगाना
अगर आप प्लानिंग में पैसा तो बचाएं पर उसमें आने वाले सालों की महंगाई का हिसाब न लगाएं तो आपको बड़ी परेशानी हो सकती है और आपका बचाया हुआ पैसा ज्यादा समय तक चल नहीं पाएगा.


2. खर्चों को अंडरएस्टिमेट करना
ज्यादातर लोग मानते हैं कि रिटायरमेंट के समय उनके खर्चों कम हो जाएंगे क्योंकि उनकी जिम्मेदारियां कम हो जाएंगी जैसे घर की ईमआई और बच्चों की शादी जैसे काम वो निपटा चुके होंगे. पर हमेशा ऐसा नहीं होता क्योंकि इन जिम्मेदारियों से तो फारिग हो जाएंगे पर आपकी बढ़ी उम्र के चलते मेडिकल और ट्रैवल जैसे एक्सपेंस बढ़ चुके होंगे. तो खर्चों को अंडरएस्टिमेट न करते हुए पर्याप्त पैसा बचाकर रखें.


3. रिटायरमेंट से पहले ही अपनी सेविंग्स से पैसा निकालना
अगर आप रिटायरमेंट से पहले अपनी सेविंग्स स्कीम्स, पॉलिसीज, म्यूचुअल फंड से पैसा निकाल लेते हैं तो आप याद रखें कि रिटायरमेंट के बाद आपके पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा नहीं रहेगा.


4. रिटायरमेंट प्लानिंग में अनुशासित न होना
अगर आप जल्दी पैसा बचाना नहीं शुरू करेंगे तो आखिर में आपके पास जितना पैसा होना चाहिए वो नहीं होगा. लिहाजा हर महीने एकमुश्त अमाउंट निश्चित तौर पर बचाएं और अपने प्लानिंग को फ्लेक्सिबल न बनाएं, उस पर अनुशासन से काम करें. 5. सिर्फ डेट इंस्ट्रूमेंट में पैसा सेव करना


5. सिर्फ डेट इंस्ट्रूमेंट में पैसा सेव करना
अगर आदर्श रूप से देखें तो धीरे-धीरे आपको अपनी सेविंग्स में से इक्विटी कंपोनेंट को कम करना चाहिए जिससे आपका कॉरपस सुरक्षित रहे और आपके पैसे पर जोखिम भी कम हो सके. रिटायरमेंट नजदीक आते-आते आपको कुछ निश्चित अमाउंट इक्विटी फंड या इक्विटी में मौजूद रखना चाहिए जिससे आप अपने पैसे पर और पैसा कमा सकें. याद रखें सिर्फ पैसा बचाने से बढ़ता नहीं है बल्कि इंवेस्ट करने से ही बढ़ता है.

6. टैक्सेशन
अगर आप सीनियर सिटीजन्स स्कीम्स, फिक्स्ड डिपॉजिट्स और पोस्ट ऑफिस (एमआईपी) में ही सिर्फ पैसा बचाते हैं तो याद रखें कि इनपर टैक्स बनता है. तो आप ऐसे सेविंग इंस्ट्रूमेंट लें जैसे एसडबल्यूपी (सिस्टेमैटिक विड्रॉल प्लान) जो डेट म्यूचुअल फंड में आपको मिल सकते हैं और इन पर टैक्स भी कम होता है.

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