रेलवे ने AC डिब्बों से कंबलों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कीः शुरु हुआ पायलट प्रोजेक्ट

रेलवे नई नीति बना रहा है जिसके मुताबिक रेल मंत्रालय अब ट्रेन के एसी डिब्बों में कंबल पूरी तरह से बंद करने पर विचार कर रहा है. इसके बजाय अब डिब्बों का तापमान नियंत्रित रखा जायेगा जिससे यात्रियों की कंपकंपी न छूटे.

Indian Railway Started new pilot Project for Removal of blankets from AC coaches

नई दिल्ली: सीएजी की झिड़की के बाद रेलवे ने एसी डिब्बों में यात्रियों को कंबल दिया जाना बंद करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है. रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ‘कंबल न देने का नियम’ अभी जम्मू मेल के थर्ड क्लास के वातानुकूलित (एसी) डिब्बों में शुरू किया गया है. रेलवे नई नीति बना रहा है जिसके मुताबिक रेल मंत्रालय अब ट्रेन के एसी डिब्बों में कंबल पूरी तरह से बंद करने पर विचार कर रहा है. इसके बजाय अब डिब्बों का तापमान नियंत्रित रखा जायेगा जिससे यात्रियों की कंपकंपी न छूटे.

CAG की रिपोर्ट के बाद रेलवे आई हरकत में
आपको बता दें कि ट्रेनों में दी जाने वाले कंबल की साफ-सफाई को लेकर CAG (नियंत्रक और महालेखा परीक्षक) के सवाल उठाए जाने के बाद रेलवे हरकत में आया है. सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार कई जगह ट्रेन में मिलने वाले कंबलों को 3 साल तक नहीं धोया गया है. रेलवे मिनिस्ट्री अब ट्रेन के एसी डिब्बों में कंबल पूरी तरह से बंद करने पर विचार कर रही है. इसके लिए ट्रेन के कोच में एसी का तापमान 19 डिग्री से बढ़ाकर 24 डिग्री करने का विचार है जिससे यात्रियों को कंबल की जरूरत ही न पड़े.

अधिकारी ने कहा, ‘‘ट्रेनों में कंबल न होने की जरूरत पर रेलवे ने यात्रियों से आंकड़े इकट्ठा करना शुरू कर दिया है. एक बार हमें यह पता लग जाये कि उनमें से कितने लोग कंबल मांगते हैं और कितने लोग कहते हैं कि उनका काम कंबल के बिना चल सकता है, उसके बाद हम इस परियोजना को दूसरी ट्रेनों में लागू करने पर भी फैसला लेंगे.’’ शुरुआत में कोई भी योजना लागू करने से पहले उसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुनिंदा ट्रेनों में लागू किया जाएगा. इसके बाद प्रोजेक्‍ट कामयाब होने पर सभी ट्रेनों में नई पॉलिसी को लागू किया जाएगा. हालांकि रेलवे में कंबल को पूरी तरह बंद करने के पहले पायलट प्रोजेक्ट पूरा किया जाएगा.

रेलवे के पास हैं 2 ऑप्शन
रेलवे मिनिस्ट्री 2 ऑप्शन पर विचार कर रहा है. पहले ऑप्शन में ट्रेनों में एसी डिब्बों का औसत तापमान 19 डिग्री से बढ़ाकर 24 किया जा सकता है. इस टेंप्रेचर पर कंबल देने की जरूरत नहीं रहेगी.

ऑप्शन 2. इसके तहत रेलवे कंबल के साथ कवर देने पर विचार कर रहा है. चूंकि कंबल के मुकाबले कवर की धुलाई आसान और सस्ती है. तो रेलवे की प्रति कंबल धुलाई का खर्च कम हो जाएगा. रेलवे का कहना है कि कंबल धुलाई के मामले में रेलवे जितना पैसा खर्च करता है, उतना यात्री से नहीं मिल पाता.

हालांकि भारतीय रेलवे के एक अधिकारी ने कहा है कि रेल यात्रियों के लिए जो बेहतर होगा रेलवे उसी विकल्प को अपनाएगा. पूरी तरह जांच और अध्ययन के बाद ही रेलवे द्वारा कोई फैसला लिया जाएगा.

LPG सिलेंडर 2 रुपये महंगा, बिना सब्सिडी वाली गैस 40 रुपये सस्ती

फ्लिपकार्ट ने ईबे का मर्जर पूरा कियाः अब ईबे होगा फ्लिपकार्ट का हिस्सा

NITI आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने इस्तीफा दिया

GOOD NEWS: इनकम टैक्स रिटर्न भरने की तारीख 5 अगस्त तक बढ़ी: ऐसे फाइल करें ITR

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति जेफ बेजोस के पास है कितनी दौलत? जानकर रह जाएंगे दंग

राहत की खबरः PAN-आधार जोड़ने के लिए 31 अगस्त तक का समय

भारतीय रेलवे की बड़ी स्कीम: फर्स्ट AC कोचों में कम्बल के साथ कवर भी

एसबीआई ने की बचत खाते पर ब्याज दर में 0.5 फीसदी की कटौती

Business News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Indian Railway Started new pilot Project for Removal of blankets from AC coaches
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017