भारत में 2020 तक इंटरनेट आफ थिंग्स उद्योग 15 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य

By: | Last Updated: Sunday, 26 October 2014 3:02 PM

नई दिल्ली: सरकार ने अगले छह साल में 15 अरब डॉलर का ‘इंटरनेट आफ थिंग्स’ (आईओटी) उद्योग तैयार करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है.

 

आईओटी को आम तौर पर इंटरनेट से आपस में जुड़े इलेक्ट्रानिक उपकरणों का नेटवर्क होता है. मसलन आईओटी के इस्तेमाल से स्ट्रीट लाइट खुद बंद हो जाएंगी यदि उन्हें लगेगा कि सड़क पर कोई गाड़ी नहीं है. इससे बिजली की बचत होगी. इसका एक एक ऐप्लिकेशन स्मार्ट बैंड हो सकता है जो डाक्टर को शरीर के किसी महत्वपूर्ण अंग की असामान्य स्थिति में की जानकारी दे सकता है. .

 

आईओटी नीति के दस्तावेज के मसौदे में कहा गया ‘‘अन्य चीजों के अलावा आईओटी के जरिए दूर स्थित उपकरणों के जरिए कृषि, स्वास्थ्य, उर्जा, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन जैसे विभिन्न उद्योगों की समस्याओं के समाधान में मदद मिल सकती है.’’ इसके साथ ही किसी यंत्र या उपकरण के मामले में सतर्कता या किसी अन्य कार्य के लिए मानक स्थापित करने में मानव भूमिका कम होगी.

 

नीति में 2020 तक 15 अरब डॉलर का आईओटी उद्योग खड़ा करने का लक्ष्य तय किया गया है. इससे तब तक आपस में जुड़े उपकारणों की संख्या मौजूदा 20 करोड़ से बढ कर 2.7 अरब तक पहुंच जाएगी.आईओटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने संसाधन और परीक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए वित्तपोषण की योजना तैयार की है. सरकार 35 करोड़ रुपए की लागत से सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग संगठन नास्काम और अन्य औद्योगिक सहयोगियों के साथ मिलकर इन्क्यूबेशन केंद्र स्थापित करेगी जिसे नैशनल सेंटर आफ एक्सेलेंस का नाम देने का प्रस्ताव है.

 

एक इंटरनैश्नल आईओटी रिसर्च कोलैबोरेशन स्कीम (आईआईआरसी) का भी प्रस्ताव है जिसके तहत सरकार अन्य देशों के साथ सहयोग और समझौते करेगी ताकि 50 प्रतिशत योगदान के आधार पर आईओटी में अनुसंधान एवं विकास के लिए संयुक्त परियोजनाएं विकसित की जा सकें.

 

आईओटी में एम.टेक एवं बी.टेक और अनुसंधान कार्य एवं पीएचडी के स्तर केपाठ्यक्रम पेश किये जाएंगे.

Business News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: iot
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017