साप्ताहिक समीक्षा: संसद के शीतकालीन सत्र पर रहेगी बाजार की निगाह

By: | Last Updated: Sunday, 23 November 2014 6:51 AM

नई दिल्ली: आगामी सप्ताह डेरिवेटिव अनुबंधों निपटान तथा दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों के अलावा संसद के शीतकालीन सत्र की शुरआत के बीच शेयर बाजार में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है. शेयर बाजार के विश्लेषकों ने यह जानकारी दी है.

 

केयन्स एनालिटिक्स के सीईओ और संस्थापक अमन चौधरी ने कहा, सोमवार को शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में बाजार नई उंचाइयों को छू सकता है क्योंकि यह सत्र आर्थिक सुधारों के लिहाज से काफी बेहतरीन साबित हो सकता है जिसका निवेशकों को काफी समय से इंतजार है.

 

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और कोयला क्षेत्र के सुधार से संबंधित विधेयक आने वाला है जिससे निवेशकों की धारणा को काफी उछाल मिलने की संभावना है. वैश्विक स्तर पर संकेत मिले जुले हैं क्योंकि अमेरिका अर्थव्यवस्था में सुधार संकेत के साथ साथ यूरोपीय अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है.

 

बीमा विधेयक जैसे सुधारों पर विपक्ष के कड़े रख के बावजूद वित्त मंत्री अरण जेटली ने शनिवार को कहा है कि वह शीतकालीन सत्र में इन्हें आगे बढ़ाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में ‘नये सुधारों की घोषणाओं’ को लेकर काफी उम्मीद है.

 

रेलीगेयर सिक्योरिटीज लिमिटेड के खुदरा वितरण विभाग के अध्यक्ष जयंत मांगलिक ने कहा, कारोबारियों की नजर संसद के शीतकालीन सत्र पर होगी जो सोमवार से शुरू होने जा रहा है. 27 नवंबर को वायदा एवं विकल्प की समयावधि खत्म हो रही है जिसके कारण पूरे सप्ताह बाजार में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है. जीडीपी के आंकड़े 28 नवंबर को आएंगे.

 

मांगलिक ने कहा कि हालांकि बाजार में क्रमिक तेजी बनी हुई है लेकिन उच्च स्तर पर गति और स्पष्टता का अभाव बाजार के कारोबारियों के बीच असमजंस की स्थिति पैदा कर रहा है. बोनान्जा पोर्टफोलियो के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश गोयल ने कहा, हमारा मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश प्रवाह से हम निकट भविष्य में निफ्टी को 8,100 से 8,500 अंक के दायरे में देख सकते हैं.

 

बीते सप्ताह बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 287.97 अंक की तेजी के साथ 28,334.63 अंक पर बंद हुआ. कोटक सिक्योरिटीज के प्राइवेट क्लायंट ग्रुप रिसर्च के प्रमुख दीपेन शाह ने कहा, बाजार की निगाह दो दिसंबर की मौद्रिक नीति की समीक्षा पर होगी.

 

समीक्षा में रिजर्व बैंक की तरफ कोई भी सही दिशा में दिया गया संकेत अर्थव्यवस्था के बारे में धारणा में सुधार लायेगा और जमीनी स्तर पर आगे और सुधार देखने को मिलेगा.

Business News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: market will monitor Winter session of Parliament
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017