भारत के लिए वृद्धि का अनुमान 7 फीसदी: मूडीज

By: | Last Updated: Tuesday, 18 August 2015 7:45 AM

नई दिल्ली: रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने मॉनसून से जुड़ी चिंता का उल्लेख किया है. मूडीज ने 2015-16 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर सात प्रतिशत कर दिया.

 

हालांकि इसके पहले 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था. मूडीज ने इसके अलावा सुधार की धीमी प्रक्रिया के कारण वृद्धि के लिए पैदा होने वाले जोखिम के प्रति भी आगाह किया.

 

मूडीज ने अपने ‘ग्लोबल मैक्रो आउटलुक 2015-16 में कहा ‘हमने मॉनसून सत्र में औसत से कम बारिश के मद्देनजर सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर करीब सात प्रतिशत कर दिया हालांकि मौसम की शुरुआत में उतनी बारिश नहीं हुई जितनी की संभावना थी.

 

एजेंसी ने कहा कि जिंस के आयातक के तौर पर भारत की वृद्धि के परिदृश्य को पिछले साल के मुकाबले जिंस मूल्य में गिरावट से फायदा होगा. साथ ही देश चीन की मांग और आम तौर पर वैश्विक व्यापार वृद्धि में नरमी से थोड़ा प्रभावित हुआ है.

 

मूडीज ने कहा कि आर्थिक गतिविधि, सुधार के उत्तरोत्तर कार्यान्वयन की गति के आधार पर बढ़ती रहेगी जिससे घरेलू और विदेशी निवेश प्रोत्साहित होगा.

 

रिपोर्ट के मुताबिक उपभोग में वृद्धि से बड़ी आय में बढ़ोतरी में मदद मिलेगी क्योंकि मुद्रास्फीति देश के पिछले मानक के मुकाबले घटकर काफी कम रह गई है और यहां युवाओं की संख्या ज्यादा है.

 

साथ ही मुद्रास्फीति को पहले के मुकाबले निम्नतर स्तर पर बरकरार रखने से वास्तविक आय और व्यय में मदद मिलेगी। जहां तक केंद्रीय बैंक के लक्ष्य का सवाल है, यह विश्वसनीय है और इससे निवेश प्रोत्साहित होगा.

 

क्योंकि भविष्य में आय में वृद्धि और मार्जिन के बारे में ज्यादा स्पष्टता आएगी. रिपोर्ट के मुताबिक 2015-16 में वृद्धि को समावेशी राजकोषीय नीति संबंधी पहलों और बजट में सतत आर्थिक वृद्धि पर ध्यान देने से मदद मिलेगी.

 

चीन के मामले में मूडीज ने 2015 के लिए 6.8 प्रतिशत और 2016 के लिए 6.5 प्रतिशत और दशक की समाप्ति से पहले छह प्रतिशत वृद्धि दर का अनुमान बरकरार रखा.

 

एजेंसी ने कहा है कि हाल में शेयर बाजार में गिरावट का चीन की वृद्धि दर पर कुछ खास असर नहीं होगा. अब तक रेन्मिन्बी की विनिमय दर में गिरावट का भी कोई उल्लेखनीय आर्थिक असर नहीं होगा.

 

मूडीज ने कहा कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि अगले दो साल तक नरम रहेगी. एजेंसी ने अनुमान जताया कि जी-20 देशों के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर इस साल 2.7 प्रतिशत रहेगी और 2016 में यह बढ़कर करीब तीन प्रतिशत हो जाएगी जो 2014 में 2.9 प्रतिशत थी.

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Web Title: Moody’s cuts India’s 2015 GDP growth forecast to 7%
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