RBI नेे नहीं घटाया रेपो रेट, अब खुदरा महंगाई बढ़ेगी, विकास दर 6.7% का अनुमान

RBI नेे नहीं घटाया रेपो रेट, अब खुदरा महंगाई बढ़ेगी, विकास दर 6.7% का अनुमान

समिति का अनुमान है कि खुदरा महंगाई दर में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है और ये 4.3 से 4.7 फीसदी के बीच रह सकती है. महंगाई दर के अनुमान में बढ़ोतरी की बड़ी वजह केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से आवास भत्ते में की गयी बढ़ोतरी है.

By: | Updated: 06 Dec 2017 02:58 PM
No change in interest rate, retail inflation is likely to increase

नई दिल्ली: रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करने का फैसला किया है. नीतिगत ब्याज दर वो दर है जिसपर रिजर्व बैंक बहुत ही थोड़े समय के लिए बैंकों को कर्ज मुहैया कराता है.


इस बीच, समिति का अनुमान है कि खुदरा महंगाई दर में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है और ये 4.3 से 4.7 फीसदी के बीच रह सकती है. महंगाई दर के अनुमान में बढ़ोतरी की बड़ी वजह केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से आवास भत्ते में की गयी बढ़ोतरी है. बहरहाल, अच्छी खबर ये है कि समिति ने चालू कारोबारी साल यानी 2017-18 के लिए 6.7 फीसदी के विकास दर के अनुमान को बरकरार रखा है. साथ ही उसका ये संकेत भी दिए हैं कि आगे विकास दर में और बढ़ोतरी हो सकती है.


क्यों नहीं घटी नीतिगत ब्याज दर


खुदरा महगाई दर नीतिगत ब्याज दर में बदलाव के लिए काफी हद तक जिम्मेदार होती है. अक्टूबर के महीने में खुदरा महंगाई दर 3.58 फीसदी पर पहुंची जो सात महीने का सबसे ऊंचा स्तर है. समिति कह रही है कि नवंबर के महीने में खाने-पीने के सामान के साथ ईंधन के दाम में बढोतरी देखने को मिली. इसमें और भी बढ़ोतरी के आसार हैं. दूसरी ओऱ महंगाई की संभावनाओं में कमी नहीं दिखती.


किसानों के लिए कर्ज माफी,  पेट्रोल-डीजल पर एक्साइझ ड्यूटी में कमी और दो सौ से भी ज्यादा सामान पर जीएसटी दर में कमी से सरकारी खजाने के घाटे पर असर पड़ सकता है. इन सब से भी महंगाई दर प्रभावित होगी. वैश्विक घटनाओं की बात करें तो विकसित देशों में मौद्रिक नीति की मौजूदा स्थिति और अमेरिका में वित्तीय प्रसार भी यहां महंगाई बढ़ा सकती है. इन सारे तथ्यें को ध्यान में रखते हुए ही मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत ब्याज दर को मौजूदा स्तर यानी 6 फीसदी के स्तर पर बनाए रखने का फैसला किया. हालांकि समिति में ये फैसला एक मत से नहीं हुआ. एक सदस्य ने चौथाई फीसदी की कमी की वकालत खी थी


विकास की बेहतर संभावनाएं


समिति ने विकास की बेहतर संभावनाओं का भी जिक्र किया है. पूंजी बाजार में पैसा जुटाने में तेजी आय़ी है. इससे नयी परियोजनाओं को बल मिलेगा, सात ही मांग भी बढ़ेगी. कारोबारी सुगमता में रैकिंग सुधरने से देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढने के आसार हैं. दिवालिया कानून भी उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगा. हालांकि समिति की राय है कि इन कारकों को और बल मिल सकता है, यदि नीतिगत ब्याज दर में किए गए पहले के बदलाव का पूरा-पूरा फायदा बैंक कर्ज लेने वालों को देते हैं.

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Web Title: No change in interest rate, retail inflation is likely to increase
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