ओएनजीसी करेगी 8,700 करोड़ रुपए की सब्सिडी का भुगतान

By: | Last Updated: Thursday, 12 February 2015 7:57 AM

नई दिल्ली: ओएनजीसी और अन्य सरकारी उत्खनन कंपनियों को ईंधन सब्सिडी के तौर पर करीब 10,900 करोड़ रुपए का भुगतान करना पड़ सकता है क्योंकि वित्त मंत्रालय ने दिसंबर की तिमाही में बतौर नकदी सब्सिडी सिर्फ 5,085 करोड़ रुपए का भुगतान करने पर सहमति जताई है.

 

सूत्रों ने बताया कि अक्तूबर की दिसंबर की तिमाही में सरकार द्वारा नियंत्रित दरों पर एलपीजी और केरोसिन बेचने पर ईंधन के खुदरा विक्रेताओं को 15,891 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और वित्त मंत्रालय ने नकदी सब्सिडी के तौर पर सिर्फ एक तिहाई या 5,085 करोड़ रुपए के भुगतान पर सहमति जताई है.

 

शेष 10,896 करोड़ रुपए का बोझ तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) और ऑयल इंडिया लिमिटेड को उठाना पड़ेगा. ओएनजीसी को इस राशि का करीब 80 प्रतिशत हिस्से (8,716 करोड़ रुपए) का भुगतान करना पड़ेगा.

 

सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि कच्चे तेल की कीमत आधे से कम 50 डॉलर प्रति बैरल रह जाने के मद्देनजर ओएनजीसी और ओआईएल के लिए और अधिक सब्सिडी का भुगतान करना मुश्किल होगा.

 

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ईंधन विक्रेता ओआईसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल को लागत से कम कीमत पर ईंधन बेचने के संबंध में 51,110 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. इनमें से ज्यादातर राशि, 31,926 करोड़ रुपए उत्खनन कंपनियों से आए जबकि 17,000 करोड़ रुपए नकदी सब्सिडी के तौर पर बजट से आए.

 

सूत्रों ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय के पास दूसरी छमाही में एलपीजी और केरोसिन बिक्री पर होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सब्सिडी के तौर पर 22,101 करोड़ रुपए थे ताकि ओएनजीसी और ओआईएल को किसी भुगतान से छूट प्रदान की जा सके.

 

ऐसा इसलिए हुआ कि ओएनजीसी और ओआईएल को 50 डॉलर प्रति बैरल की मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कीमत पर शायद की कोई फायदा हुआ हो. सूत्रों के मुताबिक अक्तूबर से दिसंबर की तिमाही में ओएनजीसी को 75-76 डॉलर प्रति बैरल की कीमत मिली और सब्सिडी भुगतान जो उसे आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल को कच्चे तेल की कीमत में रियायत के तौर पर देना होता है, के बाद उसे वास्तविक मूल्य 35-36 डॉलर प्रति बैरल मिला.

 

ओएनजीसी की उत्पादन लागत कीब 40 डॉलर प्रति बैरल रही. अनुमान है कि पूरे वित्त वर्ष 2014-15 में खुदरा कंपनियों को लागत से कम ईंधन बिक्री पर 74,773 करोड़ रुपए का नुकसान होगा.

Business News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: ONGC to pay Rs 8,716 crore subsidy as Finance Ministry gives only Rs 5,085 crore
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017