‘टाइम’ के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में पीएम मोदी, पेटीएम फाउंडर का नाम

‘टाइम’ के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में पीएम मोदी, पेटीएम फाउंडर का नाम

By: | Updated: 20 Apr 2017 11:18 PM

नई दिल्ली: दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में से एक 'टाइम' ने ‘दुनिया के 100 सर्वाधिक प्रभावशाली लोगों’ की लिस्ट जारी की है. इस लिस्ट में भारत से सिर्फ 2 लोगों का नाम शामिल है. इसमें एक नाम तो देश के पीएम नरेंद्र मोदी का है और दूसरा नाम जानकर आप जरूर हैरान हो जाएंगे.


टाइम पत्रिका की इस साल के लिए जारी ‘दुनिया के 100 सर्वाधिक प्रभावशाली लोगों’ की सालाना सूची में भारत की ओर से सिर्फ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पेटीएम के फाउंडर विजय शंकर शर्मा को जगह मिली है. इस सूची में सिर्फ 2 भारतीय ही शामिल हैं.


पत्रिका ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरिजा मे को भी अपनी सूची में जगह दी है. इस सूची में दुनिया भर के कलाकारों, नेताओं और प्रमुख हस्तियों को जगह मिली है जिन्हें उनके इनोवेशन, उनकी महत्वाकांक्षा, समस्याओं को हल करने में उनकी प्रतिभा को लेकर सम्मानित किया गया है.


पीएम मोदी 
देश के पीएम मोदी का प्रोफाइल लेखक पंकज मिश्रा ने लिखा है. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने की कल्पना से भी काफी पहले मई 2014 में मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री बन गए. इसमें कहा गया है कि मुस्लिम विरोधी हिंसा में उनकी संदिग्ध भूमिका को लेकर कभी अमेरिका ने उन पर पाबंदी लगा दी थी और स्वदेश में भी उनका राजनीतिक रूप से बहिष्कार किया गया था. लेकिन इस हिंदू राष्ट्रवादी ने परंपरागत मीडिया को पीछे छोड़ते हुए ट्विटर का इस्तेमाल किया और वैश्विकरण में पीछे छूटता महसूस कर रहे लोगों से सीधे तौर पर बात की. उन्होंने स्वार्थी संभ्रांत वर्ग को हटाकर भारत को फिर से महान बनाने का वादा किया.


प्रोफाइल में कहा गया है कि सत्ता में आने के करीब 3 साल बाद भारत की आर्थिक, भू राजनीतिक और सांस्कृतिक सर्वोच्चता के बारे में मोदी की दूरदृष्टि साकार होने से कोसों दूर है. लेकिन हिंदू राष्ट्रवादियों का उनका विस्तारित परिवार धर्मनिरपेक्ष और उदार बुद्धिजीवियों और गरीब मुसलमानों को बलि का बकरा बना रहा है. इसमें कहा गया, ‘‘फिर भी मोदी का आभामंडल कम नहीं हुआ है. वह राजनीतिक रूप से आकर्षित करने, डर की भावना से खेलने और नीचे धकेल दिए जाने या अवरूद्ध गतिशीलता का सामना कर रहे लोगों की सांस्कृतिक असुरक्षा से खेलने की कला में माहिर हैं. वहीं हाल के उत्तर प्रदेश विधानसभा में शानदार चुनावी जीत ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि निर्वाचित शक्तिशाली लोग संभ्रांत वर्ग के खिलाफ वैश्विक विद्रोह का फायदा उठाने वालों में प्रमुख हैं. जारी


पेटीएम के फाउंडर विजय शंकर शर्मा


43 वर्षीय विजय शंकर शर्मा के लिए इंफोसिस के सह संस्थापक नंदन नीलेकणी ने लिखा है कि जब भारत सरकार ने अप्रत्याशित रूप से नवंबर में देश के 86 फीसदी करेंसी नोटों को रद्द कर दिया, तब शर्मा ने परिस्थिति का फायदा उठाया. शर्मा का डिजिटल भुगतान स्टार्टअप पेटीएम ने रोजमर्रा के सामान और सेवाओं के लिए लोगों को अपने इस्तेमाल के लिए आकर्षित किया. नंदन नीलेकणी ने लिखा है कि साल 2016 के अंत तक पेटीएम के 17.7 करोड़ उपयोगकर्ता थे जबकि वर्ष की शुरूआत में यह आंकड़ा 12.2 करोड़ था.


जानें इस साल टाइम की लिस्ट में क्या है खास?
गौरतलब है कि पिछले साल टाइम के 100 सर्वाधिक प्रभावशाली लोगों की सूची में जगह बनाने वाले भारतीयों में आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन, टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा, एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और फ्लिपकार्ट के संस्थापक बिन्नी बंसल और सचिन बंसल शामिल थे. वहीं, इस साल की सूची में अमेरिका के नये राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंब, उनकी बेटी इवांका ट्रंप और उनके पति जारेद कुशनर, पोप फ्रांसिस, चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन भी शामिल हैं.

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